योग व ध्यान से कार्यक्षमता का विकास संभव: प्रो. रामाकृष्ण

 


आयुर्वेद विवि में माइंड साउंड रेजोनेंस टेकनीक के माध्यम से विशेष ध्यान का करवाया अभ्यास

जोधपुर, 09 जून (हि.स.)। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय में कुलगुरु प्रोफेसर (वैद्य) गोविंद सहाय शुक्ल की उपस्थिति में एस-व्यासा यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु के प्रो चांसलर प्रोफेसर बी. आर. रामाकृष्ण द्वारा प्रात:कालीन माइंड साउंड रेजोनेंस टेकनीक (एमएसआरटी) के माध्यम से विशेष ध्यान का अभ्यास करवाया गया।

प्रो. बीआर रामाकृष्ण योग विज्ञान, चेतना अध्ययन एवं समग्र स्वास्थ्य के क्षेत्र के प्रतिष्ठित शिक्षाविद् हैं। योग एवं ध्यान आधारित स्वास्थ्य संवर्धन की विभिन्न विधियों पर उनके दीर्घ अनुभव का लाभ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा स्वास्थ्यकर्मियों को प्राप्त हुआ है।

उन्होंने प्रतिभागियों को माइंड साउंड रेजोनेंस टेकनीक के वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक पक्षों से अवगत कराते हुए ध्वनि, श्वास एवं ध्यान के समन्वय के माध्यम से मानसिक शांति, एकाग्रता तथा आंतरिक संतुलन विकसित करने का अभ्यास कराया। उन्होंने कहा कि नियमित ध्यान एवं योगाभ्यास न केवल मानसिक तनाव को कम करता है, बल्कि व्यक्ति की कार्यक्षमता, निर्णय क्षमता तथा भावनात्मक संतुलन को भी सुदृढ़ बनाता है। कार्यक्रम का समन्वयक प्राचार्य यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ नैचुरोपैथी एंड यौगिक साइंसेज डॉ चंद्रभान शर्मा ने किया।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश