योग केवल आसन नहीं, मन को साधने का माध्यम: शर्मा
जोधपुर, 06 जून (हि.स.)। सत्संग भवन में विवेकानन्द केंद्र कन्याकुमारी के अखिल भारतीय योग प्रमुख रवि शर्मा के सान्निध्य में योग एवं ध्यान आधारित विशेष सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उन्होंने अष्टांग योग के महत्वपूर्ण आधार यम, नियम एवं आसन विषय पर विस्तार से अपने विचार व्यक्त किए तथा उपस्थित जनों को योग के वास्तविक स्वरूप से परिचित करवाया।
अपने उद्बोधन में रवि शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में योग को केवल आसन एवं प्राणायाम तक सीमित समझ लिया गया है, जबकि वास्तविक योग व्यक्ति के संपूर्ण व्यक्तित्व के विकास का माध्यम है। उन्होंने बताया कि केवल शरीर को स्वस्थ बनाने से जीवन में पूर्ण संतुलन नहीं आता, बल्कि मन को भी साधना और अनुशासित करना आवश्यक है। यम एवं नियम के माध्यम से व्यक्ति अपने विचारों, व्यवहार एवं जीवन शैली में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है।
सत्र के दौरान उन्होंने उपस्थित सभी लोगों को कृतज्ञता के भाव पर आधारित विशेष ध्यान अभ्यास भी करवाया। इस ध्यान के माध्यम से जीवन में प्राप्त संबंधों, प्रकृति, परिवार एवं समाज के प्रति आभार व्यक्त करने का अभ्यास कराया गया। उन्होंने बताया कि कृतज्ञता का भाव मन को शांत, सकारात्मक एवं संतुलित बनाता है तथा यही योग की आंतरिक साधना का महत्वपूर्ण आधार है।
इस अवसर पर नगर प्रमुख प्रेम रतन सोतवाल ने बताया कि रविवार को गीता भवन में शाम छह बजे एकात्म दर्शन विषय पर आधारित विशेष योग विमर्श कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में श्याम मालवीय, गौरव कुमार शर्मा, हिमांशु देव, हिमांशु परिहार, मनीष राठौड़, भगवान पँवार, संजय देव, रवि गुप्ता, वंदना राठी सहित अनेक कार्यकर्ता एवं योग साधक उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश