अतीत का दर्शन करवाने के साथ भविष्य को दिशा देने का काम करते हैं साहित्यकार : राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया
बीकानेर, 27 सितंबर (हि.स.)। पंजाब के राज्यपाल तथा चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि साहित्यकार अतीत का दर्शन कराने, वर्तमान की चुनौतियों से निपटने के लिए प्रेरित करने के साथ भविष्य को दिशा देने का कार्य करते हैं।
कटारिया रविवार को गंगाशहर रोड स्थित आदिनाथ भवन में जैन साहित्य संगम के तृतीय राष्ट्रीय अधिवेशन के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।
अखिल भारतीय साधुमार्गी जैन सेवा संघ की ओर से आयोजित कार्यक्रम में कटारिया ने कहा कि साहित्य संगम, जैन धर्म और संतों के लिए महत्वपूर्ण कार्य कर सकता है। उन्होंने नवकार मंत्र को देश और दुनिया का मंत्र बताते हुए कहा कि मंत्र तभी सार्थक होता है, जब उसे आचरण में उतारा जाए। उन्होंने जैन दर्शन के पांच महाव्रतों की पालना का आह्वान भी किया।
पंजाब के राज्यपाल ने कहा कि प्रकृति का आवश्यकता के अनुसार उपयोग किया जाएगा तो वह मनुष्य को सब कुछ देगी, लेकिन प्रकृति का अंधाधुंध दोहन हमें नुकसान की ओर ले जा रहा है। उन्होंने बच्चों को संस्कारित करने पर जोर देते हुए कहा कि जिसकी वाणी और आचरण एक जैसा होता है, वह कभी हार नहीं सकता और उसमें देश एवं समाज को बदलने की ताकत होती है।
कटारिया इस दौरान काव्य संकलन 'अनुभूतियों का आकाश' और 'स्मरणिका-2025' का लोकार्पण किया। बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास, श्रीडूंगरगढ़ विधायक ताराचंद सारस्वत, अनिता कटारिया, अखिल भारतीय साधुमार्गी जैन संघ के अध्यक्ष नरेंद्र गांधी, जैन साहित्य संगम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीप जैन, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विजय सिंह नाहटा, अध्यक्ष कन्हैयालाल बैद, अधिवेशन संयोजक अशोक नागौरी, सहसंयोजक डॉ. सीएम मेहता, मंत्री सुरेश बच्छावत सहित विभिन्न पदाधिकारी तथा देशभर के विभिन्न क्षेत्रों से आए साहित्यकार मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव