विश्व रक्त कैंसर दिवस: समय पर पहचान और आधुनिक उपचार से ब्लड कैंसर को हराना संभव
जयपुर, 27 मई (हि.स.)। बार-बार बुखार आना, शरीर में कमजोरी, खून की कमी और हाथ-पैरों में कमजोरी जैसे लक्षण सामान्य लग सकते हैं, लेकिन लंबे समय तक बने रहने पर ये ब्लड कैंसर के संकेत भी हो सकते हैं। भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल के ब्लड कैंसर एवं बीएमटी विशेषज्ञ डॉ. प्रकाश सिंह शेखावत ने बताया कि समय पर पहचान और आधुनिक उपचार से ब्लड कैंसर को पूरी तरह हराकर सामान्य जीवन जिया जा सकता है।
बाल रक्त एवं कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. शिवानी माथुर ने बताया कि बच्चों में होने वाले कई प्रकार के ब्लड कैंसर का शुरुआती अवस्था में उपचार शुरू कर उन्हें पूरी तरह स्वस्थ किया जा सकता है। उपचार के बाद बच्चे सामान्य जीवन जी रहे हैं और खेलकूद व अन्य गतिविधियों में सक्रिय हैं।
डॉ. शेखावत ने बताया कि कार-टी सेल थेरेपी और बोन मैरो ट्रांसप्लांट (बीएमटी) ब्लड कैंसर उपचार में नई उम्मीद बनकर उभरे हैं। इन तकनीकों से ल्यूकीमिया, लिम्फोमा, मल्टीपल मायलोमा, थैलेसीमिया और एप्लास्टिक एनीमिया जैसे गंभीर रोगों के बेहतर परिणाम मिल रहे हैं।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में जीवनदान परियोजना और क्रोनिक मायलोइड ल्यूकीमिया कैंसर मुक्ति योजना (सीएमएल-सीएमवाए) के तहत मरीजों का निःशुल्क उपचार किया जा रहा है। अगस्त 2014 से मार्च 2026 तक जीवनदान परियोजना के तहत 11.03 करोड़ रुपए की लागत से 176 बच्चों का सफल उपचार किया गया, जबकि सीएमएल-सीएमवाए योजना के तहत 340 वयस्क मरीजों को कैंसर मुक्त किया गया।
डॉ. शिवानी माथुर ने कहा कि जागरूकता की कमी के कारण कई बार बीमारी की पहचान देर से होती है। यदि कोई असामान्य लक्षण लंबे समय तक ठीक न हो तो कैंसर विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लेना चाहिए।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश