महिला सुरक्षा संकल्प अभियान: 2,936 शिक्षण संस्थानों में पहुंचा राजस्थान पुलिस का सुरक्षा संदेश

 


जयपुर, 27 जुलाई (हि.स.)। राजस्थान पुलिस के 'महिला सुरक्षा संकल्प' अभियान के चौथे सप्ताह में प्रदेशभर में महिला सुरक्षा, साइबर जागरूकता और जनसहभागिता को लेकर व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिस ने 2,398 विद्यालयों और 538 महाविद्यालयों सहित कुल 2,936 शिक्षण संस्थानों में ऑनलाइन जागरूकता कार्यशालाओं के माध्यम से 2.70 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं तक महिला सुरक्षा, साइबर अपराध से बचाव और कानूनी अधिकारों का संदेश पहुंचाया।

महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन में संचालित अभियान के तहत सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों ने छात्र-छात्राओं एवं युवाओं के साथ ऑनलाइन संवाद, जागरूकता कार्यशालाओं तथा विभिन्न विभागों के साथ समन्वय बैठकों का आयोजन किया।

अभियान की नोडल अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (कम्युनिटी पुलिसिंग) सुनीता मीना ने बताया कि चौथे सप्ताह के दौरान आयोजित ऑनलाइन कार्यशालाओं में 2,70,075 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कार्यशालाओं में महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव, गुड टच-बैड टच, महिला अधिकार, आत्मरक्षा, हेल्पलाइन सेवाओं और राजकॉप सिटीजन ऐप के प्रभावी उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई।

जिलावार प्रदर्शन में कोटपूतली ने 74 विद्यालयों और 11 महाविद्यालयों के माध्यम से 21,580 विद्यार्थियों को जोड़कर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। वहीं चित्तौड़गढ़ में 344 विद्यालयों और छह महाविद्यालयों के 23,200 विद्यार्थियों तथा झालावाड़ में 242 विद्यालयों और 12 महाविद्यालयों के 17,778 विद्यार्थियों को महिला सुरक्षा और साइबर जागरूकता की जानकारी दी गई। इसके अलावा उदयपुर में 14,563 और कोटा शहर में 14,531 छात्र-छात्राओं ने कार्यशालाओं में भाग लिया।

शैक्षणिक संस्थानों की संख्या के लिहाज से झुंझुनूं जिला सबसे आगे रहा, जहां 117 विद्यालयों और 85 महाविद्यालयों के 4,823 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। वहीं पाली में 13,751, बांसवाड़ा में 13,420 तथा राजसमंद में 8,762 विद्यार्थियों ने ऑनलाइन कार्यशालाओं के माध्यम से आत्मरक्षा, महिला अधिकारों और हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी प्राप्त की।

अभियान के तहत महिला सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विभागों, शिक्षण संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों और अन्य हितधारकों के साथ समन्वय बैठकें भी आयोजित की गईं। बैठकों में महिला सुरक्षा कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, पीड़ित सहायता तंत्र को मजबूत करने, त्वरित पुलिस कार्रवाई, साइबर सुरक्षा जागरूकता, महिला हेल्पलाइन सेवाओं और राजकॉप सिटीजन ऐप के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया गया।

डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि महिला सुरक्षा संकल्प अभियान का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना नहीं, बल्कि महिलाओं और बालिकाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और विश्वासपूर्ण वातावरण तैयार करना है। उन्होंने कहा कि राजस्थान पुलिस समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता से महिला सुरक्षा को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। आगामी चरणों में भी नवाचार आधारित गतिविधियों और व्यापक जनसहभागिता के माध्यम से महिला सुरक्षा का संदेश प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश