37 पाक विस्थापित महिलाओं को मिला स्वरोजगार का संबल

 


जयपुर, 02 अगस्त (हि.स.)। सेवायाम संस्था की ओर से आयोजित समारोह में पाकिस्तान से विस्थापित 37 हिन्दू महिलाओं को स्वरोजगार के लिए निःशुल्क ऑटोमैटिक सिलाई मशीनें वितरित की गईं। कौशल प्रशिक्षण अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य पाक विस्थापित परिवारों के पुनर्वास और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना रहा।

इस समारोह में कई महिलाओं ने पाकिस्तान में अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वहां हिन्दू परिवारों, विशेषकर महिलाओं और बेटियों को भय व असुरक्षा के माहौल में जीवन बिताना पड़ता था। उन्होंने कहा कि भारत में उन्हें सम्मान, सुरक्षा और बच्चों के बेहतर भविष्य की उम्मीद मिली है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जयपुर प्रांत प्रचारक बाबूलाल ने परिवार व्यवस्था और सामाजिक संगठन को भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी शक्ति बताया। उन्होंने कहा कि समाज को सांस्कृतिक रूप से सशक्त और संगठित बनाए रखने की आवश्यकता है। अपने संबोधन में उन्होंने परिवार और सामाजिक रिश्तों को मजबूत करने पर बल देते हुए अधिक बच्चों के जन्म को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने पाकिस्तान से आए परिवारों से भारत में सम्मान और आत्मविश्वास के साथ जीवन जीने का आह्वान किया।

सेवायाम की संस्थापक एवं पूर्व महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर ने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल सहायता देना नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने बताया कि संस्था लंबे समय से पाक विस्थापित हिन्दू परिवारों के पुनर्वास, महिला कौशल विकास, स्वरोजगार, शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में कार्य कर रही है। इससे पहले भी संस्था की ओर से महिलाओं को सिलाई मशीनें उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सिलाई मशीन एक महिला के आत्मसम्मान, रोजगार और परिवार के उज्ज्वल भविष्य की नई शुरुआत है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पाक विस्थापित हिन्दू परिवार मौजूद रहे। अंत में 37 महिलाओं को सिलाई मशीनें वितरित की गईं। लाभार्थियों ने इसे सम्मानजनक आजीविका और आत्मनिर्भर जीवन की नई शुरुआत बताते हुए सेवायाम संस्था और हिन्दू शरणार्थी सेवा समिति का आभार जताया।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश