पश्चिमी विक्षोभ से बदला राजस्थान का मौसम, बारिश और आंधी से फसलों को नुकसान

 


जयपुर, 19 मार्च (हि.स.)। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के साथ ही राजस्थान के मौसम ने अचानक करवट ले ली है। प्रदेश के कई जिलों में बारिश, तेज हवा और कहीं-कहीं ओलावृष्टि का दौर शुरू हो गया है। इसका सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है, जहां खेतों में खड़ी और कटी हुई फसलें बारिश से खराब हो गई हैं।

मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार बीकानेर और जालोर में गुरुवार सुबह रुक-रुककर बारिश होती रही, जबकि जैसलमेर और बाड़मेर में तेज हवा के साथ बरसात हुई। जैसलमेर में तड़के सुबह हुई बारिश से रामगढ़ सहित कई ग्रामीण इलाकों में फसलों को नुकसान पहुंचा है। वहीं बाड़मेर में देर रात तेज हवा के साथ हुई बारिश से ईसबगोल और जीरा की फसलें प्रभावित हुई हैं।

बीकानेर में सुबह से हो रही हल्की बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है और लोगों को हल्की ठंडक महसूस हो रही है।

जालोर में भी बारिश के बाद तापमान में चार डिग्री से अधिक की कमी आई है। इससे पहले बुधवार को झुंझुनूं और चूरू में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चली और तेज बारिश हुई। अजमेर, अलवर, जोधपुर और आसपास के इलाकों में भी शाम के समय मौसम बदला और हल्की से मध्यम बारिश हुई।

मौसम में इस बदलाव का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दे रहा है। जैसलमेर, श्रीगंगानगर और बीकानेर जैसे शहरों में अधिकतम तापमान सामान्य से नौ डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ गया है।

सीकर में ओलावृष्टि के कारण ठंडक और बढ़ गई है।

राजधानी जयपुर में भी लगातार दूसरे दिन सुबह से बादल छाए हुए हैं। हल्की ठंडी हवाओं के कारण मौसम सुहावना बना हुआ है और आसपास के क्षेत्रों में भी इसका असर देखा जा रहा है। मौसम विभाग ने डूंगरपुर और बांसवाड़ा को छोड़कर पूरे राजस्थान में येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि नौ जिलों में ऑरेंज अलर्ट लागू है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार इस सिस्टम का प्रभाव 20 मार्च तक बना रहेगा, जिसके दौरान कई स्थानों पर मध्यम से तेज बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि की संभावना है।

पश्चिमी विक्षोभ ने जहां एक ओर गर्मी से राहत दी है, वहीं दूसरी ओर किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आने वाले दिनों में भी प्रदेश में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज जारी रहने की संभावना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित