सिंधु दर्शन यात्रा पर रवाना युवाओं का स्टेशन पर स्वागत, लेह-लद्दाख में सिंधु नदी तट पर करेंगे पूजा
चित्तौड़गढ़, 05 जून (हि.स.)। सिंधी समाज की आस्था, संस्कृति और गौरव से जुड़ी सिंधु दर्शन यात्रा में शामिल होने लेह-लद्दाख जा रहे बांसवाड़ा के युवाओं का गुरुवार देर शाम चित्तौड़गढ़ रेलवे स्टेशन पर स्वागत किया गया। झूलेलाल युवा सेवा समिति चित्तौड़गढ़ के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने यात्रियों का पुष्पमा लाएं पहना कर अभिनंदन किया तथा यात्रा की सफलता और मंगलमय होने की शुभकामनाएं दी।
झूलेलाल युवा सेवा समिति के अध्यक्ष जैकी आहूजा ने बताया कि बांसवाड़ा सिंधी समाज के 10 युवाओं का प्रतिनिधिमंडल सिंधु दर्शन यात्रा में भाग लेने के लिए लेह-लद्दाख रवाना हुआ है। यह यात्रा 5 जून से 8 जून तक आयोजित होगी, जिसमें देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं। यात्रा के दौरान श्रद्धालु पवित्र सिंधु नदी के तट पर भगवान झूलेलाल का बहराणा साहिब सजा कर पूजा-अर्चना, आरती, पल्लव एवं जल पूजन करेंगे तथा सिंधु नदी के पवित्र जल का आचमन कर समाज की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का स्मरण करेंगे। यात्रा दल में यात्रा प्रभारी घनश्याम प्रियानी, संयोजक हरेश लखानी, भारतीय सिंधु सभा के जिलाध्यक्ष जितेंद्र हिरानी, सुनील मंगलानी, विजय छाबड़ा, गोपाल लालवानी, राजेश रूपचंदानी, रामचंद्र वाधवानी एवं निलेश लखानी शामिल हैं। प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने बताया कि पहली बार बांसवाड़ा से युवाओं का इतना बड़ा दल सिंधु दर्शन यात्रा में भाग लेने जा रहा है, जिसे लेकर सभी में विशेष उत्साह है। उन्होंने बताया कि सिंधु दर्शन यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सिंधी समाज की सांस्कृतिक पहचान और अपनी जड़ों से जुड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। यात्रा के दौरान युवाओं को सिंधु सभ्यता, समाज के इतिहास और भगवान झूलेलाल से जुड़े धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व की जानकारी भी प्राप्त होगी। चित्तौड़गढ़ रेलवे स्टेशन पर आयोजित स्वागत कार्यक्रम में झूलेलाल युवा सेवा समिति के संरक्षक ललित वांगानी, अध्यक्ष जैकी आहूजा, महासचिव ललित तहलियानी, सचिव भावेश नैनवानी, कोषाध्यक्ष जितेंद्र वासवानी एवं बाबू अगनानी सहित अन्य पदाधिकारी और समाज जन उपस्थित रहे। सभी ने यात्रियों का स्वागत करते हुए समाज के युवाओं को संस्कृति एवं परंपराओं से जुड़े रहने का संदेश दिया। यात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल लेह-लद्दाख के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों का भी भ्रमण करेगा। सिंधु दर्शन यात्रा वर्ष 1998 से निरंतर आयोजित की जा रही है और यह सिंधी समाज के सबसे महत्वपूर्ण सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजनों में से एक मानी जाती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अखिल