राजस्थान में फिर बदलेगा मौसम, 19 अगस्त से बारिश का दौर
जयपुर, 18 अगस्त (हि.स.)। राजस्थान में एक बार फिर मानसून के सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं। प्रदेश में 19 अगस्त से बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है। मौसम विभाग ने 19 अगस्त को 10 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इसके बाद 20 और 21 अगस्त को बारिश की गतिविधियों में तेजी आने का अनुमान है। हालांकि पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने की संभावना जताई गई है।
इससे पहले सोमवार को प्रदेश में अधिकांश जगह मौसम साफ रहा और तेज उमस ने लोगों को परेशान किया। पिछले 24 घंटे के दौरान अलवर, धौलपुर, सवाई माधोपुर, बूंदी, कोटा, जालोर, सिरोही, उदयपुर और प्रतापगढ़ के आसपास हल्की बूंदाबांदी हुई। बारिश के कारण इन इलाकों में उमस से कुछ राहत मिली, लेकिन प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गर्मी और उमस का असर बना रहा।
श्रीगंगानगर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस मापा गया। वहीं माउंट आबू में सबसे कम 22.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। श्रीगंगानगर में रात का तापमान भी 29 डिग्री तक पहुंच गया, जिससे लोगों को दिन के साथ रात में भी गर्मी और उमस का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी भारत के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अब मजबूत होकर डिप्रेशन में बदल गया है। इसके अगले 24 घंटे में उत्तर-पश्चिम दिशा में पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके साथ ही मानसून की ट्रफ रेखा भी अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर बनी हुई है। मौसम तंत्र में हो रहे इस बदलाव का असर राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में बारिश के रूप में देखने को मिल सकता है।
राजस्थान में अगले दो से तीन दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियां पूरी तरह समाप्त नहीं होंगी। पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर बना रहेगा। 19 से 21 अगस्त के बीच भरतपुर और कोटा संभाग में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। वहीं 20 से 23 अगस्त के दौरान भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के शेष हिस्सों में मानसून की गतिविधियां फिलहाल कमजोर रहने की संभावना है। खासकर पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश इलाकों में मौसम शुष्क रह सकता है। ऐसे में पूर्वी राजस्थान में जहां अगले कुछ दिनों में बादल और बारिश राहत दे सकते हैं, वहीं पश्चिमी जिलों में लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
मानसून के इस नए दौर से बारिश की बाट जोह रहे इलाकों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि बारिश का असर संभाग और जिले के अनुसार अलग-अलग रहने की संभावना है। 19 अगस्त से मौसम में बदलाव के बाद 20 और 21 अगस्त को बारिश का जोर बढ़ने पर प्रदेश के कई इलाकों में तापमान में भी गिरावट आ सकती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित