हमें दया नहीं, सड़क चाहिए: स्कूल का रास्ता बंद होने पर बस्ता लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे बच्चे

 




दौसा, 23 जुलाई (हि.स.)। शिक्षा का अधिकार और स्कूल तक पहुंचने की जद्दोजहद गुरुवार को दौसा कलेक्ट्रेट परिसर में देखने को मिली। सिकराय उपखंड क्षेत्र के पीलवा खुर्द गांव की चैना वाली ढाणी के छात्र-छात्राएं स्कूल जाने के बजाय बस्ता और यूनिफॉर्म पहनकर सीधे कलेक्ट्रेट पहुंच गए। बच्चों का कहना था कि स्कूल के रास्ते पर अतिक्रमण कर कंटीले तार लगा दिए गए हैं, जिससे उन्हें रोजाना जान जोखिम में डालकर स्कूल जाना पड़ता है। कई बार शिकायतों के बावजूद स्थायी समाधान नहीं होने से नाराज बच्चों ने अनोखे अंदाज में अपना विरोध दर्ज कराया।

राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चैना वाली ढाणी के विद्यार्थियों ने प्रशासन के सामने अपनी पीड़ा रखते हुए कहा कि अधिकारियों की टीम कई बार मौके पर पहुंचती है, रास्ता खुलवाने की कार्रवाई भी होती है, लेकिन कुछ समय बाद फिर से अतिक्रमण कर दिया जाता है। कंटीले तारों के कारण बच्चों को चोट लगती है और बारिश के दिनों में स्कूल पहुंचना और भी मुश्किल हो जाता है।

एक छात्रा ने बताया कि पहले शिकायत करने पर प्रशासन ने दो दिन में समाधान का भरोसा दिया था। टीम मौके पर पहुंची, रास्ता खुलवाया और वीडियो बनाकर लौट गई, लेकिन बाद में फिर से रास्ता बंद कर दिया गया।

दूसरी छात्रा ने कहा कि उन्हें किसी तरह की सहानुभूति नहीं चाहिए, बल्कि स्कूल तक पहुंचने के लिए सुरक्षित और स्थायी सड़क चाहिए। उनका कहना था कि यह केवल रास्ते का नहीं, बल्कि शिक्षा और भविष्य का सवाल है।

बच्चों के साथ पहुंचे दिव्यांग ग्रामीण सुरेश सैनी भावुक हो गए। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के सामने रोते हुए कहा कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। उन्होंने कहा कि अब वे वापस नहीं जाएंगे और यहीं बैठेंगे। ग्रामीणों ने बताया कि रास्ता बंद होने से बच्चे बारिश के दौरान फिसल जाते हैं, उनके कपड़े और किताबें खराब हो जाती हैं तथा कई बार स्कूल की पढ़ाई भी प्रभावित होती है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर डॉ. सौम्या झा ने बच्चों और उनके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह पहले भी स्कूल मार्ग पर तारबंदी और अतिक्रमण की शिकायत मिली थी, जिसके बाद राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाया था। अब दोबारा शिकायत मिलने पर एसडीएम को तत्काल मौके पर भेजकर समस्या का समाधान करने और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

बच्चों के इस अनोखे प्रदर्शन ने प्रशासनिक व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित