उदयपुर में गूंजेगा ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘मेक इन इंडिया’ का मंत्र
उदयपुर, 31 अगस्त (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के मंत्र ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘मेक इन इंडिया’ की अवधारणा को केंद्र में रखकर उदयपुर में 2 से 5 अक्टूबर तक चार दिवसीय स्वदेशी मेला—2026 का आयोजन किया जा रहा है। राजस्थान कृषि महाविद्यालय (आरसीए) ग्राउंड में होने वाले इस मेगा औद्योगिक प्रदर्शनी मेले में उदयपुर और आसपास के क्षेत्रों के निर्माता, व्यापारी, सेवा प्रदाता और व्यवसायी एक मंच पर जुटेंगे। आयोजन में करीब 800 स्टॉल लगाए जाएंगे। मेले में 50 हजार से अधिक लोगों के पहुंचने की संभावना है। इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
मेला संयोजक मनोज जोशी ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों और स्वदेशी कारोबार को व्यापक मंच उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही स्थानीय उद्यमियों को नए खरीदारों, आपूर्तिकर्ताओं और कारोबारी साझेदारों से जोड़ने तथा नए व्यावसायिक संबंध विकसित करने पर जोर रहेगा। मेला स्थानीय कारोबारियों को उदयपुर से आगे राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाने का भी अवसर उपलब्ध कराएगा।
मेले में स्टार्टअप, निर्माता, होम एवं कॉटेज इंडस्ट्री, सेवा प्रदाता, व्यापारी, स्वयं सहायता समूह, व्यवसायी और महिला उद्यमी भाग ले सकेंगे। प्रतिभागियों के लिए नए संपर्क और कारोबारी संभावनाओं के साथ कारोबार के विस्तार, नवाचार और तकनीकी समाधानों से जुड़ने तथा राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाने के अवसर उपलब्ध कराने की योजना है।
मेले के प्रशासनिक संयोजक एवं सांसद सेवा केंद्र, उदयपुर के राज कुमार शर्मा ने बताया कि स्वदेशी मेले में 800 स्टॉल को अलग-अलग सेक्टर के अनुसार चार डोम में व्यवस्थित किया जाएगा। एक डोम में एफएमसीजी, फैशन, कृषि और लाइफस्टाइल से जुड़े उत्पाद प्रदर्शित होंगे। इसी तरह, एक डोम मार्बल, निर्माण और इंटीरियर डेकोरेशन क्षेत्र के लिए, एक डोम इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल क्षेत्र के लिए रखा गया है। इसी तरह, एक डोम महिला उद्यमियों के साथ सरकारी एवं अर्द्धसरकारी संस्थानों, बैंकिंग एवं वित्त, एनजीओ, शिक्षा, हॉस्पिटैलिटी और कॉरपोरेट क्षेत्र के लिए रहेगा। बड़े उत्पादों के प्रदर्शन के लिए खुले क्षेत्र में न्यूनतम 6 गुणा 6 मीटर के स्टॉल की व्यवस्था भी रखी गई है।
आयोजन में केवल उत्पाद प्रदर्शनी ही नहीं होगी, बल्कि आइडिया हैकाथॉन, बिजनेस सेमिनार और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। इससे मेले को व्यापारिक गतिविधियों के साथ नवाचार, उद्यमिता और सांस्कृतिक गतिविधियों के मंच के रूप में विकसित करने की योजना है।
आयोजन से जुड़े सहयोगियों में लघु उद्योग भारती, उदयपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, कलड़वास चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, उदयपुर मार्बल एसोसिएशन, उदयपुर मार्बल प्रोसेसर समिति, होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान, होटल एसोसिएशन उदयपुर और होटल संस्थान दक्षिणी राजस्थान शामिल हैं। राजस्थान कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर तथा महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय भी आयोजन के भागीदारों में हैं। स्टॉल बुकिंग के लिए 9929693345 नंबर पर सम्पर्क किया जा सकता है।
स्वदेशी मेला मीडिया प्रवक्ता डॉ. अवनीश व्यास ने बताया कि स्वदेशी मेले की तैयारियों को लेकर कार्यसमिति की महत्वपूर्ण बैठक आयड़ स्थित मंदिर प्रांगण में स्वदेशी मेला कार्यालय में हुई। मेला संयोजक मनोज जोशी एवं राजकुमार शर्मा के सान्निध्य में हुई बैठक में बैठक में मेले के सफल एवं व्यवस्थित आयोजन के लिए विभिन्न कार्यों की जिम्मेदारियां तय की गईं। कार्यकर्ताओं को उनकी क्षमता और क्षेत्र के अनुसार दायित्व सौंपते हुए प्रचार-प्रसार, स्टॉल बुकिंग, डिजिटल मार्केटिंग, संपर्क अभियान सहित अन्य व्यवस्थाओं को गति देने का निर्णय लिया गया।
बैठक में मेला कार्यालय प्रमुख बृजमोहन भाटी ने अब तक किए गए कार्यों की समीक्षा प्रस्तुत की। लघु उद्योग भारती महानगर इकाई के अध्यक्ष राजेंद्र सुराणा ने अधिक से अधिक स्वदेशी एवं स्थानीय उद्यमियों, लघु उद्योगों और व्यवसायियों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने स्टॉल बुकिंग अभियान को व्यापक बनाने और व्यापारियों एवं उद्यमियों से व्यक्तिगत संपर्क बढ़ाने का सुझाव दिया।
डिजिटल मार्केटिंग की जिम्मेदारी संभाल रहीं पुल्किता जोशी ने सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों के जरिए मेले के प्रचार की रणनीति की जानकारी दी। बैठक में उमाप्रताप सिंह, महेंद्र सिंह, मुकेश सिन्हा, नारायण चौधरी, अरविंद अग्रवाल, चर्चिल जैन और हितेश शर्मा सहित कार्यसमिति के प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता