विश्वेंद्र सिंह ने कांग्रेस से इस्तीफा दिया, बोले- गलत रीति-नीति के साथ कदमताल नहीं कर सकता

 


भरतपुर, 02 अक्टूबर (हि.स.)। राजस्थान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने शुक्रवार को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। गांधी जयंती के दिन सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस्तीफे की घोषणा करते हुए उन्होंने पार्टी की कार्यशैली और रीति-नीति पर सवाल उठाए तथा कहा कि वे ऐसी परिस्थितियों में पार्टी के साथ कदमताल नहीं कर सकते।

विश्वेंद्र सिंह ने अपनी पोस्ट में कहा कि उन्होंने जीवन में हमेशा अपने इष्ट गिरिराज महाराज और अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर फैसले लिए हैं। हाल में कुछ नेताओं की ओर से दिए गए बयानों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे उनके कार्यकर्ताओं में आक्रोश है और उनका अंतरमन भी दुखी एवं व्यथित है। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी के लिए उन्होंने अपना जीवन समर्पित किया, उसी पार्टी में उनकी निष्ठा, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता का यह सिला मिलने से वे अंदर तक हिल गए हैं।

उन्होंने कहा कि मान-सम्मान और स्वाभिमान उनके जीवन के मूल सिद्धांत रहे हैं और उन्होंने कभी अपने उसूलों तथा आदर्शों से समझौता नहीं किया। विश्वेंद्र सिंह ने पार्टी में कथित चापलूसी की परंपरा पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यदि सच को सच कहना और गलत व झूठ का साथ नहीं देना पाप है तो वे यह बात कहते रहेंगे।

विश्वेंद्र सिंह ने अपने सार्वजनिक जीवन को जनता, कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों के प्रति समर्पित बताते हुए कहा कि उनका राजनीतिक जीवन ‘खुली किताब’ रहा है। उन्होंने कहा कि वे न गलत करते हैं और न गलत सहन करते हैं। इस्तीफे की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थिति में दम घुटने से मरने के बजाय स्वाभिमान के साथ जीवन जीना बेहतर है। उन्होंने अपने पुरखों के सिद्धांतों का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें लगता है कि कांग्रेस को अलविदा कहना ही उनके लिए बेहतर होगा और वे पार्टी की ‘गलत रीति-नीति’ के साथ कदमताल नहीं कर पाएंगे। उनके इस्तीफे की खबर की पुष्टि शुक्रवार की ताजा मीडिया रिपोर्टों में भी हुई है।

विश्वेंद्र सिंह का यह कदम 30 सितंबर को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और भरतपुर-डीग के स्थानीय कांग्रेस संगठन पर की गई उनकी सार्वजनिक टिप्पणियों के बाद सामने आया है। निकाय चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर उन्होंने पार्टी नेतृत्व और टिकट वितरण सहित संगठन की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। उनकी टिप्पणियों पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वॉर रूम चेयरमैन जसवंत गुर्जर ने आपत्ति जताते हुए कहा था कि सोशल मीडिया पर दिए जा रहे बयान पार्टी की परंपरा के अनुरूप नहीं हैं। भरतपुर कांग्रेस जिलाध्यक्ष दिनेश बृजेन्द्र सूपा ने भी विश्वेंद्र सिंह के बयानों पर प्रतिक्रिया दी थी।

विश्वेंद्र सिंह के इस्तीफे से राजस्थान कांग्रेस में पिछले कुछ दिनों से चल रहा सार्वजनिक मतभेद अब पार्टी से उनके अलग होने तक पहुंच गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित