गांवों की सरकार चुनने की घड़ी करीब, मतदान टोलियां रवाना

 




जयपुर, 21 अक्टूबर (हि.स.)। गांवों की चौपालों पर चुनावी चर्चाएं, घर-घर पहुंचते प्रत्याशी और मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की आखिरी कोशिशें। राजस्थान में पंचायतीराज आम चुनाव-2026 के प्रथम चरण की तैयारियां अंतिम दौर में पहुंच गई हैं।

चुनाव प्रचार थमने के बाद अब प्रत्याशियों की निगाहें मतदान पर टिक गई हैं। बुधवार को मतदान दलों की रवानगी के साथ चुनावी प्रक्रिया अगले अहम पड़ाव में प्रवेश करेगी।

पहले चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के लिए 22 अक्टूबर को मतदान निर्धारित है। इसके लिए मतदान दलों ने अपने निर्धारित केंद्रों पर पहुंचकर व्यवस्थाएं संभाली।

मतदान का समय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक रहेगा।

पहले चरण में प्रदेश के 16 जिलों में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान होना है। इस चरण में 85 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। जिला परिषद की 293 और पंचायत समिति की 1,078 सीटों पर मुकाबला है। कुछ सीटों पर प्रत्याशियों के निर्विरोध निर्वाचित होने के कारण वहां मतदान नहीं होगा।

चुनाव प्रचार के दौरान प्रत्याशियों ने गांवों में जनसंपर्क, चौपालों और घर-घर पहुंचकर समर्थन जुटाने की कोशिश की। अब प्रचार का शोर थम चुका है और मतदाताओं के फैसले की घड़ी नजदीक है।

राजनीतिक दलों और निर्दलीय प्रत्याशियों के लिए मतदान का दिन अपने जनसंपर्क और चुनावी रणनीति के प्रभाव को परखने का अवसर होगा।

पंचायत चुनाव का अगला चरण पंच और सरपंच पदों के लिए होगा। पहले चरण के कार्यक्रम के अनुसार 24 अक्टूबर को पंच-सरपंच पदों के लिए मतदान कराया जाएगा। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी हलचल अगले कुछ दिनों तक बनी रहने की संभावना है।

श्री भवानी निकेतन फार्मेसी कॉलेज परिसर से 797 मतदान केंद्रों के लिए रवाना हुए मतदान दल

जयपुर जिले की आठ पंचायत समितियों एवं जिला परिषद के वार्डों में 22 अक्टूबर को होने वाले मतदान के लिए बुधवार को श्री भवानी निकेतन फार्मेसी कॉलेज परिसर से प्रशिक्षण के उपरांत मतदान दल ईवीएम, बैलेट पेपर एवं निर्वाचन संबंधी आवश्यक सामग्री के साथ उनके निर्धारित मतदान केंद्रों के लिए रवाना हुए। मतदान दलों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार चुनाव सामग्री उपलब्ध कराई गई तथा सामग्री प्राप्त करने के बाद उन्हें संबंधित मतदान केन्द्रों के लिए रवाना किया गया। मतदान दलों की सुविधा के लिए वाहन पार्किंग एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गईं।

जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) संदेश नायक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मतदान केन्द्रों पर मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष, स्वतंत्र, सुचारू एवं व्यवस्थित रूप से सम्पन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में चौमूं, दूदू, गोविंदगढ़, झोटवाड़ा, जोबनेर, किशनगढ़ रेनवाल, मौजमाबाद एवं सांभर पंचायत समितियों के 146 वार्डों तथा जिला परिषद के 22 वार्डों में मतदान होगा। इन क्षेत्रों में कुल 797 मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं। प्रथम चरण में कुल 7 लाख 43 हजार 640 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 3 लाख 84 हजार 195 पुरुष तथा 3 लाख 59 हजार 445 महिला मतदाता शामिल हैं। जिला परिषद एवं प्रथम चरण की संबंधित पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए गुरुवार, 22 अक्टूबर को प्रातः 7 बजे से सायं 6 बजे तक मतदान होगा।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रथम चरण में मतदान दलों को पांच दिन और चार रात अपने निर्धारित क्षेत्रों में रहकर निर्वाचन संबंधी दायित्वों का निर्वहन करना होगा। 22 अक्टूबर को जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के लिए ईवीएम से मतदान के बाद शुक्रवार, 23 अक्टूबर को ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच एवं वार्ड पंच पदों के लिए नामांकन प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी। इसके बाद शनिवार, 24 अक्टूबर को प्रातः 7 बजे से सायं 6 बजे तक सरपंच एवं वार्ड पंच पदों के लिए बैलेट पेपर से मतदान होगा। रविवार, 25 अक्टूबर को उपसरपंच का चुनाव कराया जाएगा। इस प्रकार मतदान दलों को ईवीएम एवं बैलेट पेपर, दोनों माध्यमों से निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न कराने की जिम्मेदारी निभानी होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित