समरसता से होगी सनातन धर्म की रक्षा: देवजी भाई
जोधपुर, 19 मई (हि.स.)। विश्व हिंदू परिषद द्वारा समरसता विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में विहिप के केंद्रीय मंत्री व अखिल भारतीय सामाजिक समरसता प्रमुख देवजी भाई रावत मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
उन्होंने कहा कि सनातन की रक्षा तभी संभव है जब समाज समरस होगा। देवजी भाई ने बताया कि छठीं शताब्दी के बाद भारत में हुए विदेशी व इस्लामी आक्रमणों के कारण हिंदू समाज में छुआछूत, अस्पृश्यता व जातिगत भेदभाव प्रारम्भ हुए। भारत के आजाद होने के बाद हिंदू समाज ने अनेकों कुरीतियों को छोड़ दिया लेकिन अस्पृश्यता, छुआछूत, जातिगत भेदभाव यह पूर्ण रूप से समाप्त नहीं हुए। अब हिंदू समाज जागृत होकर इन कुरीतियों को समाप्त कर रहा।
कार्यक्रम के अंत में समरसता विचार गोष्ठी के अध्यक्ष मांगीलाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में विहिप के क्षेत्र समरसता प्रमुख रामसिंह, प्रान्त सह मंत्री महेंद्र उपाध्याय, प्रान्त समरसता प्रमुख पवन वैष्णव, विभाग संगठन मंत्री खरताराम, विहिप जिला उपाध्यक्ष भंवरलाल, राहुल सियोता, जितेंद्र पंचारिया, नारायणसिंह राजपुरोहित, दिनेश परिहार, राज शर्मा, जोगसिंह, रामविलास, लखपत सिंह बासनी, नरेश भार्गव, विशनसिंह आदि अनेकों गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश