स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से विप्र फाउंडेशन के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष की मुलाकात

 




जयपुर, 30 मई (हि.स.)। विप्र फाउंडेशन देशभर में शिक्षा, चिकित्सा और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इसी क्रम में विप्र फाउंडेशन के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष एस.एन. श्रीमाली ने नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा से शिष्टाचार मुलाकात कर संस्था की विभिन्न सेवा गतिविधियों की जानकारी दी। इस दौरान संस्था के संस्थापक सुशील ओझा भी उपस्थित रहे।

मुलाकात के दौरान श्रीमाली ने बताया कि विप्र फाउंडेशन द्वारा संचालित “आरोग्य साथी” प्रकोष्ठ जरूरतमंद मरीजों और उनके परिजनों की सहायता के लिए लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान भी संस्था ने देशभर में मास्क, दवाइयों और राहत सामग्री वितरित कर सामाजिक जिम्मेदारी निभाई थी। इसके साथ ही संस्था की स्थानीय इकाइयों द्वारा नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच एवं रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जाता है।

संस्थापक सुशील ओझा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “टीबी मुक्त भारत अभियान” की सराहना करते हुए कहा कि विप्र फाउंडेशन “नि-क्षय मित्र” कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाएगा और समाज के सहयोग से इस अभियान को गति देने का कार्य करेगा।

उन्होंने बताया कि जयपुर स्थित “श्री परशुराम ज्ञानपीठ” आज शिक्षा और संस्कार का प्रमुख केंद्र बन चुका है। वहीं पूर्वोत्तर भारत के परशुराम कुंड में भगवान परशुराम की 54 फीट ऊंची प्रतिमा के लोकार्पण की तैयारी भी अंतिम चरण में है।

ओझा ने कहा कि विप्र फाउंडेशन का मूल ध्येय “उन्नत समाज, समर्थ राष्ट्र” है और संस्था सेवा, संस्कार एवं राष्ट्रभाव के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए कार्यरत है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने विप्र फाउंडेशन की सर्वसमावेशी नीतियों और सेवा प्रकल्पों की सराहना करते हुए समाजहित में किए जा रहे कार्यों को प्रेरणादायी बताया।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित