बीकानेर से धरोहर संरक्षण का शंखनाद : “वसुधा हेरिटेज प्रोटेक्शन मिशन” का भव्य शुभारंभ

 


बीकानेर, 21 अप्रैल (हि.स.)। धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण की दिशा में बीकानेर की पावन धरा से एक महत्वपूर्ण पहल “वसुधा हेरिटेज प्रोटेक्शन मिशन” का शुभारंभ से शुरुआत हुई है।

इस अवसर पर स्वामी विमर्शानंद गिरि जी, पूर्व एवं पश्चिम क्षेत्र के विधायक सिद्धि कुमारी, विधायक जेठानंद व्यास तथा क्षत्रिय सभा के अध्यक्ष करण प्रताप सिंह ने पाेस्टर का विमाेचन किया है। उनके साथ कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

स्वामी विमर्शानंद गिरि जी ने इस मिशन को हर संभव वैचारिक को शारीरिक सहयोग देने का संकल्प दोहराया व धरोहर बचाने का संकल्प लिया।

संस्थापक संरक्षक व राष्ट्रीय अध्यक्ष जय सिंह चौहान ने कहा कि “वसुधा हेरिटेज प्रोटेक्शन मिशन” भारत देश की वसुदेव कुटुंबकम की विचारधारा का एक स्रोत है। जो केवल एक अभियान नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, इतिहास और परंपराओं को बचाने का एक निर्भीक और अनुशासित संकल्प के साथ साथ सामूहिक राष्ट्रीय जन चेतना का अनंतहीन विशाल उद्देश्य है। इस अवसर पर बाबू सिंह ने भी अपने विचार रखे। टीम में व्यवसाई व समाजसेवी गजेंद्र सिंह ने हर संभव इस मिशन को अपनी टीम के युवाओं द्वारा कार्यक्रम के भागीदार के रूप में कार्य करने का संकल्प लिया और कहा कि यह एक कोई संगठन या मिशन के रूप में नहीं अपितु आम जनता के हृदय मे अपनी सभ्यता संस्कृति राष्ट्रीय धरोहर के अस्तित्व को बचाने व कर्तव्य निर्वाह का शुअवसर है संपूर्ण भूमंडल पर विशाल जन समूह के हृदय में नव चेतना का संचार है। भंवरसिंह स्याणी और संकल्प से सिद्ध नवभारत के बीकानेर अध्यक्ष त्रिलोक सिंह चौहान, अनेक हिंदी व मारवाड़ी फिल्मों में अपना अभिनय और निर्देशक की भूमिका मे कार्य कर चुके राम दयाल भाटी, यतेंद्र चढ़ा ने राष्ट्रीय धरोहर सभ्यता संस्कृति की रक्षा के लिए संकल्प लिया। आगामी कुछ दिनों में इस मिशन के माध्यम से प्राचीन धरोहरों, ऐतिहासिक स्थलों, मंदिरों और सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने के लिए हर गांव, शहर स्कूल और कॉलेज में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

संस्थापक संरक्षक व राष्ट्रीय अध्यक्ष जय सिंह चौहान ने बताया कि मां करणी के आशीर्वाद से इस मिशन की शुरुआत बीकानेर की पवित्र भूमि, जो मां करणी के आशीर्वाद से धन्य है, वहीं से इस मिशन का शुभारंभ किया जाना अपने आप में विशेष महत्व रखता है। यह वही भूमि है जहां से संस्कृति, शौर्य और समृद्ध विरासत की पहचान पूरे विश्व में स्थापित हुई है।

यह मिशन जन-जागरूकता फैलाने, सामाजिक भागीदारी बढ़ानेऔर युवाओं को जोड़ने का कार्य करेगा ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी अमूल्य धरोहर सुरक्षित रह सके। “धरोहर हमारी पहचान है, इसकी रक्षा हमारा कर्तव्य है” — इसी संदेश के साथ बीकानेर से एक नई सकारात्मक शुरुआत हुई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव