राजस्थान विधानसभा में बिल पर बहस के दौरान हंगामा, सभापति और डोटासरा में तीखी नोकझोंक; दो विधेयक पारित

 


जयपुर, 05 मार्च (हि.स.)। राजस्थान विधानसभा में गुरुवार को बिल पर बहस के दौरान सभापति संदीप शर्मा और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। डोटासरा के सभापति के प्रति व्यवहार को लेकर सत्तापक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच जमकर हंगामा और नारेबाजी हुई। स्थिति बिगड़ने पर सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित करनी पड़ी।

कांग्रेस विधायक हरिमोहन शर्मा ‘राजस्थान दुकान और वाणिज्यिक अधिष्ठान (संशोधन) विधेयक’ पर बहस कर रहे थे। इसी दौरान सभापति संदीप शर्मा ने समय का ध्यान दिलाने के लिए घंटी बजाई। इस पर डोटासरा ने आपत्ति जताते हुए कहा कि बहस के दौरान विधायक को घंटी बजाकर टोकने की परंपरा नहीं है। इस मुद्दे पर दोनों के बीच तीखी बहस हो गई।

सभापति ने कहा कि चेयर का सम्मान करना सभी की जिम्मेदारी है और इस प्रकार की भाषा स्वीकार्य नहीं है। नोकझोंक बढ़ने पर संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल और मंत्री अविनाश गहलोत सहित भाजपा विधायकों ने कड़ा ऐतराज जताया। भाजपा विधायकों ने कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की, वहीं कांग्रेस विधायक वेल में आकर विरोध जताने लगे। हंगामे के बीच सभापति की जगह अर्जुनलाल जीनगर ने चेयर संभाली और सदन को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन नारेबाजी जारी रही। बाद में कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी गई।

कार्यवाही पुनः शुरू होने पर स्पीकर वासुदेव देवनानी चेयर पर आए। डोटासरा ने कहा कि उन्होंने केवल घंटी बजाने पर आपत्ति जताई थी, लेकिन सभापति की ओर से आक्रामक टिप्पणियां की गईं। स्पीकर ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सभापति के खिलाफ इस प्रकार की टिप्पणी कार्यवाही से हटाई जाएगी। संदीप शर्मा ने भी डोटासरा के व्यवहार को असंसदीय बताया। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने मामले की रिकॉर्डिंग देखने की मांग की।

सदन में उत्पन्न गतिरोध पर स्पीकर देवनानी ने कहा कि पूरे प्रकरण की समीक्षा की जाएगी और उसके बाद निर्णय लिया जाएगा। इधर बहस के बाद सदन ने ‘राजस्थान जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक, 2026’ तथा ‘राजस्थान दुकान और वाणिज्यिक अधिष्ठान (संशोधन) विधेयक’ पारित कर दिए। ‘राजस्थान जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक, 2026’ में 11 प्रकार के छोटे अपराधों में सजा के स्थान पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

वहीं ‘राजस्थान दुकान और वाणिज्यिक अधिष्ठान (संशोधन) विधेयक’ में दुकानों और कंपनियों में कार्य अवधि 9 घंटे से बढ़ाकर 10 घंटे प्रतिदिन करने का प्रावधान किया गया है। साथ ही 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को दुकानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अप्रेंटिस के रूप में नियोजित करने पर रोक लगाई गई है। इससे पहले यह आयु सीमा 12 वर्ष थी, जिसे बढ़ाकर 14 वर्ष कर दिया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर