उदयपुर में सांसद स्वदेशी इंडस्ट्रियल एक्सपो शुरू, मेवाड़ मंडपम का प्रस्ताव आगे बढ़ा

 










उदयपुर, 02 अक्टूबर (हि.स.)। वंदे मातरम् के उद्घोष के साथ उदयपुर के आरसीए मैदान में शुक्रवार को चार दिवसीय 'सांसद स्वदेशी इंडस्ट्रियल एक्सपो' शुरू हुआ। उद्घाटन समारोह में जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने स्वदेशी उत्पादों की गुणवत्ता और भारतीय जीवनशैली से जुड़े पारंपरिक उत्पादों को बढ़ावा देने की जरूरत बताई।

खराड़ी ने कहा कि पारंपरिक वस्तुएं गुणवत्ता और स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से बेहतर हैं। लोगों को पैकेजिंग के आकर्षण से ऊपर उठकर स्वदेशी उत्पादों और समाज हित की सोच की ओर लौटना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत सदियों से ज्ञान और संस्कृति का केंद्र रहा है। पहले व्यक्ति समाज के लिए जीता था, लेकिन आज सोच 'मैं और मेरा परिवार' तक सीमित होती जा रही है। इस सोच को बदलकर समाज और देश के लिए काम करने की भावना विकसित करने की जरूरत है।

एक्सपो की अध्यक्षता कर रहे उदयपुर लोकसभा सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने कहा कि यह आयोजन मेवाड़ की व्यावसायिक क्षमता, स्थानीय हुनर और स्वरोजगार को व्यापक पहचान दिलाने का माध्यम है। उन्होंने बताया कि दिल्ली के भारत मंडपम की तर्ज पर उदयपुर में 'मेवाड़ मंडपम' के निर्माण का प्रस्ताव आगे बढ़ाया जा चुका है। सामूहिक प्रयासों से इसे जल्द साकार करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने मेवाड़ क्षेत्र के जीआई टैग वाले उत्पादों का उल्लेख करते हुए युवाओं से उद्यमिता की ओर बढ़ने का आह्वान किया।

महापौर पारस सिंघवी ने कहा कि स्वदेशी भारत के स्वाभिमान से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि नगर निगम अपने उपयोग की वस्तुओं की खरीद में स्थानीय स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने का प्रयास करेगा। शहर विधायक ताराचंद जैन ने कहा कि आत्मनिर्भरता से आत्मविश्वास बढ़ता है और स्वदेशी इसका आधार है।

एमपीयूएटी के कुलपति डॉ. प्रताप सिंह ने जैविक अनुसंधान और स्थानीय हुनर को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ ने सांसद डॉ. रावत के 'विकसित मेवाड़' के विजन को महत्वपूर्ण पहल बताया। एक्सपो संयोजक मनोज जोशी ने उदयपुर में अंतरराष्ट्रीय स्तर के कन्वेंशन सेंटर के रूप में 'मेवाड़ मंडपम' की आवश्यकता पर जोर दिया।

उद्घाटन से पहले मुख्य द्वार पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अतिथियों ने परिसर में प्रवेश किया। एमडीएस स्कूल के 150 विद्यार्थियों ने वंदे मातरम् का गायन किया। इसके बाद अतिथियों ने एक्सपो की विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया।

पहले दिन बड़ी संख्या में पहुंचे लोग

आरसीए मैदान में लगाए गए कुंभा, भामाशाह और अहिल्याबाई डोम में पहले दिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। यहां पारंपरिक हस्तशिल्प, औद्योगिक उत्पाद, कृषि तकनीक और श्रीअन्न उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। फतह स्कूल की ओर से संचालित 'पिंक परी क्लब' की महिला ई-रिक्शा चालक भी आगंतुकों के लिए निःशुल्क सेवा दे रही हैं।

चार दिवसीय एक्सपो 5 अक्टूबर तक आमजन और भावी उद्यमियों के लिए खुला रहेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता