चिरमी सांस्कृतिक महोत्सव में दिखी परंपरा
बीकानेर, 29 मार्च (हि.स.)। श्री अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की ओर से आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘चिरमी’ रविवार को एक निजी सागर होटल परिसर में भव्य एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, महिलाओं की प्रतिभा और पारंपरिक गौरव का आकर्षक संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि बीकानेर पूर्व विधायक सिद्धि कुमारी रहीं, जिन्होंने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज की सांस्कृतिक जड़ों को सुदृढ़ करते हैं तथा महिलाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का सशक्त मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे सामाजिक एकता का प्रतीक बताया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘क्षत्राणी सम्मान समारोह’ रहा, जिसमें समाज की ग्यारह विशिष्ट एवं प्रेरणादायक महिलाओं को सम्मानित किया गया। यह पहल महिलाओं के योगदान को पहचान देने और उन्हें प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुई। सम्मानित महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए समाज सेवा एवं सांस्कृतिक संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के अंतर्गत पारंपरिक एकल एवं समूह नृत्यों ने दर्शकों का मन मोह लिया। रंग-बिरंगी राजपूती पोशाकों में सजी प्रतिभागियों ने मंच पर परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संगम प्रस्तुत किया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में महिलाओं एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे कार्यक्रम में प्रतिस्पर्धा और उत्साह का वातावरण बना रहा।
कार्यक्रम की समस्त व्यवस्थाएं श्री अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की महिला विंग द्वारा सुव्यवस्थित रूप से संचालित की गईं। मंच सज्जा, अतिथि स्वागत, प्रतियोगिताओं के संचालन एवं प्रतिभागियों के पंजीयन सहित सभी व्यवस्थाएं उत्कृष्ट रहीं।
इस अवसर पर डॉ. सुमन राठौड़, डॉ. सरोज राठौड़, संगठन की जिला अध्यक्ष कामिनी हाड़ा, करणी कृपा फाउंडेशन की संस्थापक करिश्मा हाड़ा, रागिनी कंवर, नीतू शेखावत, राजकुमारी कंवर, सपना, प्रियंका तथा कार्तिका जया रणावत सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव