पूर्व सैनिकों का सम्मान और उनका कल्याण हमारी परम्परा: राज्यपाल

 




जयपुर, 25 अक्टूबर (हि.स.)। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि पूर्व सैनिकों का सम्मान और उनका कल्याण हमारी परम्परा और संस्कृति है। उन्होंने देश की सुरक्षा और संप्रभुता बनाए रखने में भारतीय सेना के जवानों और पूर्व सैनिकों के योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि सेवानिवृत्त होने के बाद भी सैनिक अपने अनुशासन, अनुभव और नेतृत्व क्षमता से बहुत से स्तरों पर राष्ट्र विकास में सहयोग दे रहे हैं। समाज में एकता, सहयोग और स्थिरता में भी उनकी महती भूमिका है।

बागडे रविवार को जिला पूर्व सैनिक संघ, जयपुर द्वारा आयोजित 'जयपुर डिस्ट्रिक्ट एक्स सर्विसेज लीग' संगठन के गोल्डन जुबली आयोजन समारोह में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों के सम्मान के लिए भारत सरकार ने लम्बे समय से लंबित 'वन रैंक वन पेंशन' योजना लागू करके उनको अधिकार देने का महती कार्य किया है। राजस्थान में भी पूर्व सैनिकों और वीरांगनाओं के सम्मान, सुरक्षा और पेंशन लाभों में निरंतर वृद्धि की गई है। एक्स सर्विसमैन कॉरपोरेशन के माध्यम से राजस्थान में 13 हजार से अधिक पूर्व सैनिकों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों में विधिक सहायता क्लीनिक स्थापित करने की पहल की गई है ताकि पूर्व सैनिकों और उनके आश्रित परिवारजनों को यथा—समय समुचित सहायता मिल सके।

इसी तरह पूर्व सैनिकों के बच्चों के लिए कोचिंग सहायता राशि भी बढ़ाकर हमने 15 हजार से अब 25 हजार कर दी है। राज्य सरकार स्तर पर राज्यभर में पिछले कुछ समय के दौरान 14 हजार से अधिक वीरांगनाओं के सम्मान की पहल हुई है।

राज्यपाल ने कहा कि सैनिक जब सीमा पर हमारे लिए लड़ता है तो उसका सबसे बड़ा सम्बल उसका परिवार ही होता है। इसलिए सैनिकों के आश्रितों, परिवारजनों का कल्याण भी हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होना चाहिए। उन्होंने पूर्व सैनिकों को राष्ट्रीय संपत्ति बताते हुए कहा कि दशकों के अनुभव, नेतृत्व, अनुशासन और रणनीतिक सोच को वही समाज में लाते हैं। इसलिए सामाजिक क्षेत्र में उनकी निरंतर भागीदारी राष्ट्र को समग्र रूप से मजबूत बनाती है।

उन्होंने पूर्व सैनिकों को युवाओं के मार्गदर्शन, नशीली दवाओं के दुरुपयोग जैसी चुनौतियों से निपटने में मदद करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि 'एक बार सैनिक, हमेशा सैनिक' होता है। उन्होंने भारत सरकार द्वारा पूर्व सैनिकों के लिए स्मार्ट कैंटीन कार्ड, पूर्व सैनिक पहचान पत्र, डीजीआर सेवाओं तक ऑनलाइन पहुंच और पेंशन प्रबंधन के लिए स्पर्श पोर्टल जैसे प्रयासों को महत्वपूर्ण बताते हुए पूर्व सैनिकों के लिए सभी को मिलकर कार्य करने पर जोर दिया। इससे पहले उन्होंने पूर्व सैनिकों के संगठन के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश