बाड़े से आए, जीत की शपथ ली और फिर बाड़े में लौट गए!

 


उदयपुर, 14 सितंबर (हि.स.)। उदयपुर नगर निगम चुनाव परिणाम के बाद भाजपा के विजयी पार्षदों की बाड़ेबंदी का पहला चरण शुक्रवार को कुछ देर के लिए खुला। 80 में से 53 वार्डों में जीत दर्ज करने वाले भाजपा के पार्षद एक साथ बस में उदयपुर पहुंचे और सीधे मतगणना स्थल पर पहुंचकर जीत की शपथ ली। शपथ ग्रहण की औपचारिकता पूरी होते ही सभी पार्षद फिर उसी बस में सवार होकर बाड़ेबंदी के लिए रवाना हो गए। अब महापौर चुनाव के दिन ही इनके फिर एक साथ नजर आने की संभावना है।

विजयी पार्षदों के इस तरह एक साथ पहुंचने और कुछ देर बाद फिर लौट जाने के बीच सबसे ज्यादा भावुक तस्वीरें उनके परिजनों की देखने को मिलीं। लंबे समय से बाड़ेबंदी में रहे अपनों से मिलने के लिए परिवारजन बेसब्री से इंतजार करते नजर आए। खासकर कई महिला पार्षदों के पति और बच्चे उन्हें देखने और बधाई देने के लिए पहुंचे।

बारिश भी नहीं रोक सकी अपनों से मिलने की बेताबी

—पार्षदों के पहुंचने के दौरान बारिश होती रही, लेकिन परिवारजनों का इंतजार कम नहीं हुआ। कई लोग बारिश में भीगते हुए अपने पार्षद परिजनों की एक झलक पाने के लिए खड़े रहे। बस के पहुंचते ही परिवारजन आगे बढ़े और पार्षदों से मुलाकात कर उन्हें जीत की बधाई दी। कहीं फूल-मालाओं से स्वागत हुआ तो कहीं अपनों के गले लगकर जीत की खुशी साझा की गई।

लंबे समय बाद परिवार से हुई इस मुलाकात में जीत की खुशी के साथ भावनात्मक जुड़ाव भी साफ नजर आया। पार्षदों के चेहरे पर जीत का उत्साह था तो परिजनों में अपनों से मिलने की खुशी।

बस से आए, शपथ ली और फिर बस में लौट गए

—भाजपा ने विजयी पार्षदों को एक साथ बस में लाकर शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी कराई। पार्षद बस से उतरे, जीत की शपथ ली और इसके बाद दोबारा उसी बस में सवार होकर रवाना हो गए। पूरी कवायद में पार्टी की ओर से पार्षदों को एकजुट रखने की रणनीति साफ नजर आई।

परिणाम आने के बाद बाड़ेबंदी का पहला चरण पूरा हुआ, लेकिन दूसरा चरण शुरू हो गया। पार्टी नेतृत्व अब महापौर चुनाव तक पार्षदों को एकजुट रखने की कवायद में जुटा है। वहीं चुनाव में पराजित प्रत्याशियों को बाड़ेबंदी से मुक्त कर दिया गया है।

अब महापौर चुनाव पर निगाहें

—भाजपा के 53 पार्षदों के साथ नगर निगम में स्पष्ट बहुमत है। विजयी पार्षदों की वापसी के साथ अब बोर्ड गठन और महापौर चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। हालांकि पार्षदों को फिलहाल फिर से बाड़ेबंदी में रखा गया है। ऐसे में अब अगली बार इनकी सामूहिक मौजूदगी महापौर चुनाव के दिन ही देखने को मिलेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता