रणथंभौर में बाघिन शक्ति का दिखा ममत्व, शावक को दुलारते देख रोमांचित हुए पर्यटक
सवाई माधोपुर, 09 अक्टूबर (हि.स.)। रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान में पर्यटन सीजन शुरू होते ही जंगल की रौनक बढ़ने लगी है। सफारी के लिए पहुंच रहे पर्यटकों को बाघ-बाघिनों की साइटिंग रोमांचित कर रही है। शुक्रवार सुबह की सफारी में जोन नंबर-4 के सेमली वन क्षेत्र में बाघिन शक्ति (टी-111) अपने दोनों शावकों के साथ नजर आई। जंगल में मां और शावकों के बीच स्नेह के खूबसूरत पल देखकर पर्यटक उत्साहित हो उठे। उन्होंने इस नजारे को अपने कैमरों में कैद कर लिया।
सफारी के दौरान शुक्रवार सुबह पर्यटकों को बाघिन शक्ति एक चट्टान के पास आराम करती दिखाई दी। वहीं, उसके दोनों शावक कुछ दूरी पर पेड़ के नीचे बैठे नजर आए। बाघिन और उसके शावक करीब 15 से 20 मिनट तक एक ही स्थान पर बैठे रहे। इसके बाद शक्ति अपने शावकों के पास पहुंची और उनमें से एक को दुलारती दिखाई दी। जंगल के प्राकृतिक वातावरण में मां और शावकों के बीच इस आत्मीय दृश्य ने पर्यटकों का ध्यान खींच लिया।
बताया गया कि पर्यटकों को करीब दो घंटे तक बाघिन और उसके दोनों शावकों की अलग-अलग गतिविधियां देखने का अवसर मिला।
कभी शावक आराम करते नजर आए, तो कभी बाघिन उनके पास पहुंचकर स्नेह जताती दिखाई दी। इस दौरान पर्यटकों ने तस्वीरों और वीडियो के जरिए इन यादगार पलों को संजो लिया।
बाघिन शक्ति की उम्र करीब आठ साल बताई जा रही है। वह रणथंभौर में अपनी विशिष्ट और आक्रामक शैली के लिए पहचानी जाती है। उसका संबंध मछली और कृष्णा के वंश से बताया जाता है। वर्तमान में शक्ति अपने करीब डेढ़ साल के दोनों शावकों के साथ जंगल में विचरण कर रही है।
इस उम्र में शावक मां के साथ रहकर जंगल के वातावरण को समझते हैं और शिकार करने, भोजन तलाशने तथा खुद को सुरक्षित रखने जैसे जरूरी कौशल सीखते हैं।
मां के साथ उनकी गतिविधियां वन्यजीव प्रेमियों के लिए भी खास आकर्षण का केंद्र रहती हैं।
रणथंभौर में पर्यटन सीजन के साथ ही पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने लगी है। बाघिन शक्ति और उसके शावकों की साइटिंग ने सफारी के रोमांच को और बढ़ा दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित