रणथंभौर में फिर दिखा टाइगर ‘मलंग’, मंदिर मार्ग पर 12 मिनट तक चहल-कदमी
सवाई माधोपुर, 26 अप्रैल (हि.स.)। रणथंभौर टाइगर रिजर्व में रविवार दोपहर एक बार फिर युवा टाइगर आरबीटी-2511 ‘मलंग’ की हलचल ने पर्यटकों और श्रद्धालुओं को रोमांचित कर दिया।
बाघिन टी-107 ‘सुल्ताना’ का बेटा मलंग दोपहर करीब 2 बजे जंगल से निकलकर अटल सागर के आगे मिश्रदर्रा गेट की ओर सड़क पर आ गया।
करीब 10 से 12 मिनट तक टाइगर मंदिर मार्ग पर चहल-कदमी करता रहा। इस दौरान वह सिंह द्वार की ओर बढ़ा और कुछ दूरी तय कर गेट के पास बैठ गया। टाइगर की मौजूदगी से मार्ग से गुजर रही गाड़ियों की रफ्तार धीमी हो गई। एक टैक्सी उसके पास से गुजरी, जिसे मलंग ने कुछ देर तक घूरकर देखा।
मंदिर मार्ग पर टाइगर की इस गतिविधि को देखकर पर्यटक और त्रिनेत्र गणेश मंदिर जाने वाले श्रद्धालु रोमांचित नजर आए।
उल्लेखनीय है कि मलंग पहले भी कई बार मिश्रदर्रा गेट के पास दिखाई दे चुका है।
इससे पहले 27 मार्च को भी मलंग मंदिर मार्ग पर आ गया था और करीब 2 घंटे तक सड़क पर बैठा रहा था। उस दौरान पर्यटकों से भरी जिप्सी और कैंटर की लंबी कतार लग गई थी। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी थी।
इधर, रणथंभौर टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या बढ़ने की खुशखबरी भी सामने आई है। शनिवार देर शाम बाघिन टी-133 अपने शावकों के साथ नजर आई।
डीएफओ मानस सिंह के अनुसार गांधरिया दह वन क्षेत्र में गश्त के दौरान वनकर्मियों ने दो शावकों को देखा है। यह क्षेत्र टी-133 की टेरेटरी माना जाता है। फिलहाल वन विभाग कैमरा ट्रैप के जरिए शावकों की निगरानी कर रहा है।
शावकों के दिखने के बाद रणथंभौर टाइगर रिजर्व में बाघ, बाघिन और शावकों की कुल संख्या बढ़कर 78 पहुंच गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित