नाहरगढ़ जैविक उद्यान में जन्मे बाघ शावक स्वस्थ
जयपुर, 28 सितंबर (हि.स.)। टाइगर सफारी नाहरगढ़ जैविक उद्यान में बाघिन भक्ति से 18 अप्रैल को जन्मे बाघ शावक की सेहत में लगातार सुधार हो रहा है। शावक वर्तमान में स्वस्थ है और उसका व्यवहार एवं गतिविधियां सामान्य हैं। वन्यजीव चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों की टीम उसकी 24 घंटे निगरानी कर रही है। नियोनेटल केयर यूनिट में विशेष देखभाल और हैंड रियरिंग के चलते शावक का वजन बढ़कर 13 किलो हो गया है।
उप वन संरक्षक, वन्यजीव चिड़ियाघर डॉ. आशीष व्यास ने बताया कि बाघिन भक्ति को वर्ष 2024 में वन्यजीव एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत पुणे जू से नाहरगढ़ जैविक उद्यान लाया गया था। वहीं नर बाघ गुलाब को भी वर्ष 2024 में नागपुर चिड़ियाघर से लाकर भक्ति के साथ रखा गया था। बाघिन भक्ति के असामान्य व्यवहार और शावक को दूध नहीं पिलाने के कारण उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे वन्यजीव चिकित्सालय की नियोनेटल केयर यूनिट में स्थानांतरित किया गया था। यहां शावक की 24 घंटे गहन चिकित्सा निगरानी के साथ हैंड रियरिंग की जा रही है। नियोनेटल केयर यूनिट में रखे जाने के बाद शावक के वजन में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। उसके विभिन्न चिकित्सा परीक्षण भी कराए गए, जिनकी रिपोर्ट सामान्य आई है। वर्तमान में शावक की गतिविधियां और व्यवहार भी सामान्य पाए गए हैं।
नाहरगढ़ जैविक उद्यान के उपनिदेशक डॉ. अरविंद माथुर ने बताया कि शावक को आवश्यक विटामिन, मिनरल्स और अन्य सप्लीमेंट दिए जा रहे हैं। विभिन्न बीमारियों से बचाव के लिए उसका टीकाकरण और डिवर्मिंग भी पूरा कराया जा चुका है। शावक की दैनिक गतिविधियों पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए लगातार नजर रखी जा रही है। फिलहाल शावक को चिकन और चिकन सूप दिया जा रहा है। नियोनेटल केयर यूनिट में उसके लिए प्राकृतिक वातावरण तैयार किया गया है, ताकि उसे सुरक्षित और अनुकूल माहौल मिल सके। वन्यजीव चिकित्सक और विशेषज्ञ उसके स्वास्थ्य एवं विकास की नियमित निगरानी कर रहे हैं।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश