सिफारिश से टिकट मिला तो हार जाएगा चुनाव! गहलोत की दो टूक नसीहत
जयपुर, 18 अगस्त (हि.स.)। राजस्थान में निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर कांग्रेस में प्रत्याशी चयन की कवायद तेज हो गई है। इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने टिकट वितरण को लेकर पार्टी नेताओं को साफ संदेश दिया है। गहलोत ने कहा कि सिफारिश के आधार पर किसी को टिकट नहीं मिलना चाहिए। अगर सिफारिश से टिकट दिया गया तो वह चुनाव हार जाएगा। प्रत्याशी का चयन क्षेत्र की जमीनी स्थिति और उसकी जीतने की क्षमता को देखकर किया जाना चाहिए।
कांग्रेस वॉर रूम में मीडिया से बातचीत के दौरान गहलोत ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस के पक्ष में अच्छा माहौल है और लोगों में सरकार के प्रति गुस्सा है। ऐसे में यदि टिकट वितरण सही तरीके से किया जाता है तो कांग्रेस चुनाव में बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रदेश कांग्रेस पर्यवेक्षकों को पर्याप्त अधिकार देकर क्षेत्रों में भेजेगी, ताकि स्थानीय परिस्थितियों और कार्यकर्ताओं की राय के आधार पर सही प्रत्याशी का चयन हो सके।
गहलोत ने टिकट वितरण में सिफारिश की राजनीति से बचने की बात कहते हुए यहां तक कहा कि अगर वे खुद किसी प्रत्याशी की सिफारिश करें, तब भी उसे टिकट नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जयपुर, भरतपुर या बीकानेर सहित अलग-अलग जगहों से लोग उनके पास सिफारिश लेकर आते हैं, लेकिन उन्हें हर क्षेत्र की जमीनी हकीकत की पूरी जानकारी नहीं हो सकती। ऐसे में केवल किसी बड़े नेता की सिफारिश के आधार पर टिकट देना पार्टी के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
उन्होंने कहा कि टिकट वास्तविक और सक्रिय कार्यकर्ता को मिलना चाहिए, जो क्षेत्र में लोगों के बीच काम करता रहा हो और चुनाव जीतने की क्षमता रखता हो। कागजों और सिफारिशों से नहीं, बल्कि जमीन पर पकड़ देखकर उम्मीदवार तय किए जाने चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने टिकट वितरण में युवाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने की भी पैरवी की। उन्होंने कहा कि आज नई पीढ़ी का दौर है और युवाओं ने राजनीतिक माहौल को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हालांकि, उन्होंने अनुभव की अनदेखी नहीं करने की बात कही और कहा कि वरिष्ठ नेताओं को भी युवाओं के साथ जोड़कर आगे बढ़ना चाहिए।
गहलोत ने कहा कि उनकी राय में करीब 50 प्रतिशत टिकट युवाओं को दिए जाने चाहिए। उनका मानना है कि युवाओं की ऊर्जा और वरिष्ठ नेताओं का अनुभव मिलकर पार्टी को मजबूत कर सकता है।
गहलोत ने वंदे मातरम् को लेकर चल रहे विवाद पर भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और वंदे मातरम् का करीब 90 वर्षों से संबंध रहा है और कांग्रेस कार्यकर्ता लंबे समय से इसे गाते आए हैं। उन्होंने भाजपा पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिन लोगों ने वर्षों तक आरएसएस मुख्यालय पर तिरंगा नहीं फहराया, वे आज कांग्रेस को देशभक्ति का पाठ पढ़ा रहे हैं।
गहलोत ने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा और नीतियों की जड़ें महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव आंबेडकर, पंडित जवाहरलाल नेहरू, मौलाना आजाद और सरदार पटेल जैसे नेताओं के योगदान से जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले निकाय और पंचायत चुनाव में सही प्रत्याशी का चयन ही कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत बन सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित