पहले दिन 18 गांवोंसांसद ने किया अफीम तौल केंद्र का निरीक्षण, बोले किसानों से सीधे संवाद का मिलता है मौका
चित्तौड़गढ़, 29 मार्च (हि.स.)। जिले में नारकोटिक्स विभाग की और से प्रथम खंड के अफीम किसानों की काला सोना कही जाने वाली अफीम का तौल रविवार से शुरू हो गया। पहले ही दिन 18 गांवों के 303 किसानों की अफीम का तौल किया गया, जिससे अफीम तौल केंद्र पर अच्छी खासी हलचल देखी गई। सांसद एवं भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी ने भी अफीम तौल केंद्र पर पहुंच कर किसानों से संवाद किया।
जिला अफीम अधिकारी कार्यालय में बनाए अफीम तौल केंद्र पर पहुंचे चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी अधिकारियों व किसानों से चर्चा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मीडिया से बातचीत में सांसद सीपी जोशी ने कहा कि हर वर्ष अफीम तौल के दौरान किसानों से सीधे संवाद का अवसर मिलता है। इससे उनकी समस्याओं को समझने में मदद मिलती है। उन्होंने बताया कि इस बार अफीम तौल केंद्रों पर व्यवस्थाएं संतोषजनक हैं और आने वाली नई नीति में किसानों के हित में और निर्णय लिए जाएंगे। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर चुप न रहें, बल्कि सीधे शिकायत करें। इसके लिए उन्होंने अपने मोबाइल नंबर भी जारी कर रखे हैं, जिससे किसान खुल कर अपनी बात रख सकें।सांसद ने कहा कि पहले अफीम लाइसेंस प्रक्रिया केवल कागजी औपचारिकताओं तक सीमित थी, लेकिन अब इसे पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है। इससे किसान अपनी सुविधा अनुसार नॉमिनी चुन सकते हैं। साथ ही आने वाले समय में लाइसेंस सीधे किसानों के मोबाइल पर उपलब्ध कराने की योजना भी है।
भाजपा सरकार में बढ़े अफीम लाइसेंस
उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2014 में जहां अफीम खेती पर संकट था, वहीं अब लाइसेंस की संख्या 18 हजार से बढ़ कर करीब 1 लाख 8 हजार तक पहुंच गई है। यह खेती छोटे किसानों के लिए भी लाभकारी साबित हो रही है, क्योंकि अफीम के साथ पोस्त दाना सहित अन्य उत्पादों से भी अच्छी आय मिलती है। सांसद ने कहा कि पहले कम पट्टों के कारण पूरे गांव को अफीम खेती से वंचित कर दिया जाता था, लेकिन अब एक पट्टा होने पर भी किसान को खेती का अधिकार मिल रहा है। साथ ही नीमच अफीम फैक्ट्री में पहले सामने आई अनियमितताओं को भी दूर कर प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है।
किसानों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं
उन्होंने हाल ही के एक प्रकरण का जिक्र करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसान के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
12 अप्रैल तक चलेगा अफीम तौल
वहीं, प्रथम खंड अफीम अधिकारी बीएल मीणा ने बताया कि तौल प्रक्रिया 12 अप्रैल तक चलेगी। इसके बाद 15 अप्रैल से सीपीएस पद्धति वाले किसानों की अफीम का तौल शुरू किया जाएगा। किसानों के लिए मुख्यालय के निर्देशानुसार आवश्यक तैयारियां की गई है। कड़ी सुरक्षा के बीच अफीम तौल शुरू किया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अखिल