संतों का जीवन विश्व कल्याण एवं सनातन संस्कृति के लिए समर्पित : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

 


जयपुर, 29 मार्च (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि संतों का जीवन विश्व कल्याण एवं सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए समर्पित होता है। इनका सानिध्य मिलने से व्यक्ति अपने जीवन और कर्मों को सार्थकता की ओर ले जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परम्पराओं के संरक्षण व संवर्धन के लिए काम कर रही है।

शर्मा रविवार को जयपुर में नेटवर्क 10 के संत संसद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमने गत दो वर्षों में राजकीय मंदिरों में वर्ष भर उत्सवों के भव्य आयोजन के लिए वित्तीय स्वीकृतियां दी हैं। साथ ही, पुजारियों का मानदेय भी बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के तीर्थ स्थलों के संरक्षण और विकास के लिए काम कर रही है। पूंछरी का लौठा, खाटूश्याम जी और तीर्थराज पुष्कर सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों के विकास के लिए रोडमैप बनाकर कार्य किए जा रहे हैं। वहीं, हमारी सरकार कृष्ण गमन पथ के जरिए सनातन संस्कृति को संरक्षित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

शर्मा ने कहा कि गौ संरक्षण और संवर्धन के लिए हमारी सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। गोशालाओं में गाय को चारे के लिए प्रतिदिन 50 रुपये एवं बछड़े के चारे के लिए प्रतिदिन 25 रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। इसके अलावा गोशाला में टीनशेड, पानी एवं पर्याप्त चिकित्सा व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई हैं।

इस अवसर पर गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम, विधायक कुलदीप धनकड़, बालमुकुंदाचार्य, मेहंदीपुर बालाजी महंत 1008 नरेश पुरी जी महाराज सहित बड़ी संख्या में साधु-साध्वीगण उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव