अक्षरधाम मंदिर में 15 हजार श्रद्धालुओं ने किए ठाकुरजी के दर्शन
जयपुर, 04 सितंबर (हि.स.)। वैशाली नगर स्थित बीएपीएस श्री स्वामिनारायण अक्षरधाम मंदिर में शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव श्रद्धा, उल्लास और आध्यात्मिक वातावरण में मनाया गया। महोत्सव में करीब 15 हजार हरिभक्तों और श्रद्धालुओं ने पहुंचकर ठाकुरजी के दर्शन व अभिषेक का लाभ लिया।
मंदिर परिसर को आकर्षक झांकियों, रंग-बिरंगी रोशनी और विशेष झूमरों से सजाया गया। ठाकुरजी का विशेष श्रृंगार कर छप्पन भोग अर्पित किया गया। श्रद्धालुओं को पंचामृत अभिषेक और पंजीरी का प्रसाद वितरित किया गया। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों पर आधारित झांकियों में जन्मोत्सव, गोकुल-गमन, पूतना-वध और कंस-वध सहित विभिन्न प्रसंगों को प्रदर्शित किया गया। इनके माध्यम से धैर्य, साहस, विवेक और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया।
महोत्सव में बालकों ने बाल संस्कार एवं पारिवारिक शांति पर आधारित प्रदर्शनी के माध्यम से परिवार में प्रेम, आपसी सम्मान, संवाद और एकता का संदेश दिया। इस दौरान परम पूज्य प्रमुखस्वामीजी महाराज के संदेश ‘हर दर्द की एक दवा, घर-सभा’ से भी श्रद्धालुओं को अवगत कराया गया।
सत्संग सभा में बाल एवं युवा मंडल की ओर से कृष्ण-लीला और नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की गई। संगीतज्ञों ने संकीर्तन के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और चरित्र का गुणगान किया। संतों ने श्रीकृष्ण के जीवन मूल्यों को दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
जन्माष्टमी महोत्सव के दौरान हुई झमाझम बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। भक्त बारिश के बीच भी मंदिर पहुंचे और दर्शन किए। मंदिर प्रबंधन की ओर से निःशुल्क बूट हाउस सहित श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न व्यवस्थाएं की गईं। संतों और कार्यकर्ताओं ने दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाई।
महोत्सव भक्ति, संस्कार, संस्कृति और सामाजिक संदेशों के संगम के रूप में सम्पन्न हुआ। आयोजन को सुचारु रूप से संपन्न कराने में पुलिस प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश