“कॉटन कस्तूरी” से ग्लोबल पहचान की ओर बढ़ रहा टेक्सटाइल हब : मुख्य सचिव
जयपुर, 20 मार्च (हि.स.)। मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने शुक्रवार को भीलवाड़ा जिले के एक दिवसीय दौरे के दौरान वस्त्र उद्योग की प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि “कॉटन कस्तूरी” के माध्यम से भीलवाड़ा को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में जिले की स्पिनिंग क्षमता 15 लाख से बढ़कर 50 लाख स्प्रिंडल तक पहुंच सकती है।
मुख्य सचिव ने बताया कि कभी लगभग 60 हजार स्प्रिंडल तक सीमित रहने वाला भीलवाड़ा आज करीब 15 लाख स्प्रिंडल क्षमता तक पहुंच चुका है। यह वृद्धि जिले के औद्योगिक विकास और निवेश संभावनाओं का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि उद्योगों में आधुनिक तकनीक के उपयोग से उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप राज्य सरकार उद्योगों को हरसंभव सहयोग दे रही है। इसी कड़ी में रूपाहेली टेक्सटाइल पार्क का विकास किया जा रहा है, जिससे औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, नई टेक्सटाइल पॉलिसी को भी उद्योगों के लिए लाभकारी बताया गया।
दौरे के दौरान मुख्य सचिव ने नितिन स्पीनर्स लिमिटेड का निरीक्षण किया और स्पिनिंग मिल की उत्पादन प्रक्रिया का अवलोकन किया।
उन्होंने कच्चे माल से तैयार उत्पाद तक की पूरी प्रक्रिया की जानकारी लेते हुए आधुनिक मशीनरी, ऑटोमेशन और गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली की सराहना की।
उन्होंने भीलवाड़ा में लगभग 30 हजार हेक्टेयर में कपास उत्पादन पर संतोष जताते हुए “कस्तूरी कॉटन” विषय पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने का सुझाव दिया, ताकि उद्योगों को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिल सके। मुख्य सचिव ने कहा कि भीलवाड़ा देशभर में वस्त्र उद्योग के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुका है।
नितिन स्पिनर्स जैसी इकाइयां न केवल बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित कर रही हैं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बना रही हैं।
उन्होंने उद्योगों को गुणवत्ता, नवाचार, ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण संरक्षण के मानकों का पालन करते हुए उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही श्रमिकों की सुरक्षा और कल्याण को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित