टैक्सी चालकों ने भरी हुंकार: मांगें नहीं मानीं तो करेंगे आंदोलन
जयपुर, 03 जून (हि.स.)। प्रदेश के टैक्सी संचालकों और ड्राइवरों की समस्याओं को लेकर ऑल राजस्थान कार टैक्सी एसोसिएशन ने सरकार से 11 सूत्रीय मांगें पूरी करने की मांग की है। संगठन ने बुधवार को जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर के टैक्सी संचालक आंदोलन करेंगे और आगामी चुनावों के बहिष्कार पर भी विचार किया जाएगा।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सिंह महरौली ने बताया कि टैक्सी व्यवसाय से जुड़े लोग लंबे समय से आर्थिक और प्रशासनिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं। ज्ञापन में पेट्रोल-डीजल की कीमतों का वर्ष में केवल एक-दो बार निर्धारण करने, टैक्सी संचालन के लिए न्यूनतम किराया तय करने तथा ऑनलाइन चालान व्यवस्था समाप्त करने की मांग की गई है।
संगठन ने अन्य राज्यों की तर्ज पर बाहरी राज्यों की टैक्सियों के आगमन और टूर संचालन पर नियंत्रण लगाने, पुराने चालानों को माफ करने तथा ओला-उबर जैसी एप आधारित कंपनियों के लिए ड्राइवर हितैषी नीति लागू करने की मांग भी उठाई है। इसके अलावा प्रदेश में नए टैक्सी स्टैंड विकसित करने, होटलों में टैक्सी चालकों के लिए शौचालय और रात्रि विश्राम की व्यवस्था अनिवार्य करने तथा प्रमुख पर्यटन स्थलों पर ड्राइवरों के लिए विश्राम गृह बनाने की मांग की गई है।
ज्ञापन में टैक्स प्रणाली को सरल और वार्षिक बनाने के साथ ही टैक्सी उद्योग को सरकारी अनुदान देने की भी मांग रखी गई है। संगठन का कहना है कि यह क्षेत्र बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार उपलब्ध कराता है, इसलिए सरकार को इस क्षेत्र के संरक्षण और प्रोत्साहन के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
प्रदेश अध्यक्ष महरौली ने कहा कि यदि सरकार ने मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया तो प्रदेशभर के टैक्सी चालक और संचालक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि संगठन आगामी चुनावों के बहिष्कार सहित व्यापक जन आंदोलन की रणनीति भी बना सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश