जयपुर में 35 हजार लीटर घी का संदिग्ध भंडार मिला, फैक्ट्री सीज

 




जयपुर, 03 नवंबर (हि.स.)। त्योहारी सीजन में मिलावटखोरी के खिलाफ चलाए जा रहे ‘शुद्ध आहार-मिलावट पर वार’ अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने जयपुर में हिमालय डेयरी प्रोडक्ट्स की घी निर्माण और पैकेजिंग फैक्ट्री पर बड़ी कार्रवाई की। निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री में करीब 35 हजार लीटर घी मिला। गंभीर अनियमितताओं और संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए टीम ने पूरी फैक्ट्री सीज कर दी। घी और संदिग्ध फ्लेवर के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

अभिहित अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जयपुर प्रथम डॉ. रवि शेखावत ने बताया कि निरीक्षण में सामने आया कि फैक्ट्री में राजस्थान सरस, डेयरी ब्रदर्स, श्री किरण सरस, माटुला, चॉइस डेयरी, रघु श्री और गणक सहित सात ब्रांडों के नाम से घी की पैकिंग की जा रही थी। मौके पर 200 मिलीलीटर, 500 मिलीलीटर, एक, दो, पांच और 15 लीटर की पैकिंग में घी मिला। इसके अलावा बड़े साइलो में हजारों लीटर घी पैकिंग के लिए भंडारित था। टीम ने घी के नमूने लिए और कच्चे माल, निर्माण प्रक्रिया तथा संबंधित दस्तावेजों की जांच शुरू की।

शेखावत ने बताया कि कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री परिसर में घी का संदिग्ध फ्लेवर भी मिला। इसे कथित तौर पर सफाई में इस्तेमाल होने वाले केमिकल के नाम पर छिपाकर रखा गया था। टीम ने इसके भी नमूने लिए हैं। घी में कृत्रिम सुगंध के इस्तेमाल और मिलावट की आशंका के चलते फ्लेवर की भूमिका की जांच की जा रही है। निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री में खाद्य लाइसेंस भी प्रदर्शित नहीं मिला। सातों ब्रांडों की पैकेजिंग, लेबलिंग, निर्माण संबंधी दस्तावेजों और ब्रांड नामों के इस्तेमाल की वैधता भी जांच के दायरे में है।

शेखावत ने बताया कि इसी अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा टीम ने चौमूं क्षेत्र के मोरीजा और चीथवाड़ी में तड़के 3:30 बजे डेयरी और मावा निर्माण इकाइयों का औचक निरीक्षण किया। टीम ने शकर दुला मावा पनीर भंडार, एकेड़ी एंटरप्राइजेज, एसडीएस मावा पनीर भंडार और बाबूलाल मावा पनीर उद्योग की जांच की। बाबूलाल मावा पनीर उद्योग में पाउडर से मावा तैयार किए जाने की प्रक्रिया को भी जांच के दायरे में लिया गया।

निरीक्षण के दौरान दूध प्रसंस्करण, मावा निर्माण, स्वच्छता, कच्चे माल की गुणवत्ता और भंडारण व्यवस्था की जांच की गई। विभिन्न प्रतिष्ठानों से मावा और दूध के प्रवर्तन तथा निगरानी नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे गए।

यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त अविचल चतुर्वेदी के निर्देश पर अभिहित अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जयपुर प्रथम डॉ. रवि शेखावत के नेतृत्व में की गई। विभाग के अनुसार घी, फ्लेवर, मावा और दूध की जांच रिपोर्ट तथा दस्तावेजों के सत्यापन के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने बताया कि त्योहारी सीजन में शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने तथा मिलावट पर अंकुश लगाने के लिए अभियान जारी रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश