औचक निरीक्षण में 23 यात्री मिले बेटिकट, परिचालक को रूट ऑफ किया
चित्तौड़गढ़, 22 अप्रैल (हि.स.)। राजस्थान रोडवेज लगातार घाटे से उबरने की पुरजोर कोशिशें कर रही है लेकिन चित्तौड़गढ़ में रोडवेज के कार्मिकों की लापरवाही और लालच से रोडवेज को लगातार नुकसान हो रहा है। बड़ी बात यह है कि यात्रियों से वसूली के बावजूद बिना टिकट यात्रा करवाई जा रही है। ऐसा ही एक मामला बुधवार को सामने आया, जब चित्तौड़गढ़ डिपो के उड़नदस्ते ने उदयपुर से बेगूं जाने वाली बस पर औचक कार्रवाई की तो पूरे सिस्टम की पोल खुलकर सामने आ गई। बस में सवार 48 यात्रियों में से 23 यात्री बिना टिकट पाये गये। बड़ी बात यह थी कि यात्रियों ने परिचालक को किराया देने की बात भी स्वीकार की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई उड़नदस्ते के प्रभारी वर्कशॉप के एमओ आनन्द प्रकाश पन्नूसा के नेतृत्व में हुई। मुख्यालय के निर्देश पर औचक निरीक्षण के तहत चलाये जा रहे अभियान के तहत की गई इस कार्रवाई के तहत उदयपुर से बेगूं चलने वाली बस जो कि चित्तौड़गढ़ से शाम साढ़े 4 बजे निकली। घोसुंडी के समीप उसकी जांच में 48 यात्रियों में से 23 यात्री बिना टिकट पाये गये। जिस पर परिचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के लिए रिपोर्ट तैयार कर भेजी गई है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि उदयपुर से बेगूं जाने वाली बस नम्बर आरजे 09 पीए 4444 में तैनात सिविल डिफेंस परिचालक नारायण सालवी ने यात्रियों से पैसा लेने के बावजूद टिकट जारी नहीं किये थे। इस पर सभी 23 यात्रियों के खिलाफ नो टिकट रिमार्क दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई के बाद बस के परिचालक नारायण सालवी को रूट ऑफ कर दिया गया है और मुख्यालय पर रिपोर्ट भेजी गई है।
लगातार रोडवेज बसों में परिचालकों द्वारा की जाने वाली चोरी को रोकने के लिए जहां रोडवेज प्रबन्धन लगातार नवाचार कर रहा है वहीं राजस्थान रोडवेज के एमडी पुरूषोत्तम शर्मा द्वारा नियमित चेकिंग का अभियान चलाया जा रहा है। चेकिंग प्लान के तहत तकनीकी अधिकारियों सहित प्रत्येक अधिकारी को 30 वाहनों की जांच करने के निर्देश दिये गये है। लो-इनकम रूट पर लगातार जांच अभियान चलाये जा रहे है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अखिल