भीलवाड़ा में छात्र को 200 उठक-बैठक की सजा का आरोप, बेहोश होकर गिरा; शिक्षिका पर कार्रवाई की मांग
भीलवाड़ा, 04 मई (हि.स.)। जिले के कांवा खेड़ा स्थित एक सरकारी स्कूल में शिक्षिका द्वारा छात्र को कथित रूप से कड़ी सजा देने का मामला सामने आया है। भीषण गर्मी में उठक-बैठक करवाने से 14 वर्षीय छात्र की तबीयत बिगड़ गई और वह स्कूल परिसर में बेहोश होकर गिर पड़ा। उसे तत्काल महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार किया गया। राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में डेपुटेशन पर कार्यरत शिक्षिका कृष्णा सुथार पर आरोप है कि उन्होंने छात्र को पहले दिन 100 और अगले दिन 200 उठक-बैठक लगाने की सजा दी। घटना के बाद परिजन और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में स्कूल पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान आरोपित शिक्षिका मौके से चली गईं।
पीड़ित छात्र की मां सुल्ताना बानो ने बताया कि उनका बेटा कक्षा 8 में पढ़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि एडमिशन प्रक्रिया के दौरान भी उन्हें परेशान किया गया और बाद में बच्चे को स्कूल में बैठाने का आश्वासन दिया गया। इसी दौरान शिक्षिका ने बच्चे को कठोर सजा दी, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। वहीं विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रदीप मेहता ने आरोपों को आंशिक रूप से खारिज करते हुए कहा कि छात्र को अनुशासन के तहत डांटा गया होगा और सीमित संख्या में उठक-बैठक लगवाई गई होगी। उन्होंने 100 या 200 उठक-बैठक के आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि अधिकतम 50-60 उठक-बैठक ही करवाई गई होगी। घटना के समय वे स्कूल में मौजूद नहीं थे।
प्रधानाचार्य ने बताया कि स्कूल में स्टाफ की कमी है और सीमित संसाधनों में व्यवस्थाएं संभाली जा रही हैं। उन्होंने संबंधित शिक्षिका को फटकार लगाई है और भविष्य में ऐसी घटना नहीं होने देने की बात कही है। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मूलचंद