उदयपुर में होटलों के लिए सख्त नियम: ऑनलाइन एंट्री के बिना नहीं मिलेगा कमरा, नाबालिगों के लिए अभिभावकों की अनुमति अनिवार्य

 


उदयपुर, 11 अप्रैल (हि.स.)। पर्यटन नगरी उदयपुर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने होटल और गेस्ट हाउस संचालकों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब शहर के किसी भी होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशाला या होमस्टे में ठहरने वाले मेहमानों को बिना ऑनलाइन एंट्री के कमरा नहीं दिया जाएगा। सभी मेहमानों का पूरा विवरण ई-विजिटर पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है।

उदयपुर एसपी डॉ. अमृता दुहन ने इस संबंध में जिले के सभी थानाधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इस व्यवस्था का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। उदयपुर जिले में करीब 1500 से अधिक होटल, होमस्टे, विला और धर्मशालाएं संचालित हो रही हैं, जहां आने वाले पर्यटकों और मेहमानों का डिजिटल रिकॉर्ड रखना अब अनिवार्य होगा।

नई व्यवस्था के तहत होटल संचालकों को अपने यहां ठहरने वाले प्रत्येक व्यक्ति का नाम, स्थायी पता, आगमन की तारीख और ठहरने का उद्देश्य ई-विजिटर पोर्टल पर दर्ज करना होगा। इसके साथ ही आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या अन्य वैध पहचान पत्र का सत्यापन कर उसकी कॉपी भी रिकॉर्ड में सुरक्षित रखनी होगी। पुलिस का मानना है कि इससे जरूरत पड़ने पर किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी तुरंत प्राप्त की जा सकेगी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।

नाबालिगों के होटल में ठहरने को लेकर भी इस बार विशेष और कड़े प्रावधान किए गए हैं। एसपी डॉ. अमृता दुहन के अनुसार यदि कोई नाबालिग होटल में रुकने आता है तो संचालक को सबसे पहले उसके माता-पिता या अभिभावकों से संपर्क कर अनुमति लेना अनिवार्य होगा। परिजनों की सहमति के बिना किसी भी नाबालिग को होटल में कमरा नहीं दिया जा सकेगा।

यदि किसी स्थिति में परिजन अनुमति नहीं देते हैं, तो होटल संचालक को इसकी सूचना तुरंत बाल कल्याण समिति को देनी होगी। इस कदम का उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी संभावित अनहोनी को रोकना है।

पुलिस प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी होटल या धर्मशाला में संदिग्ध व्यक्ति नजर आने पर तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को सूचना देना आवश्यक होगा। पुलिस समय-समय पर होटलों के रिकॉर्ड की जांच भी करेगी। नियमों की अनदेखी करने वाले होटल संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता