खेजड़ी सहित हरे पेड़ों के संरक्षण के लिए सख्त कानून की तैयारी
जयपुर, 22 मार्च (हि.स.)। राज्य वृक्ष खेजड़ी एवं हरे पेड़ों के संरक्षण, संवर्धन तथा पर्यावरण सुरक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा सख्त कानून लाने की दिशा में ठोस पहल की जा रही है। इसी क्रम में संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य विभाग के मंत्री जोगाराम पटेल की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण तीसरी बैठक आयोजित की गई।
बैठक में राजस्व मंत्री हेमन्त मीणा, विधि विभाग, राजस्व विभाग, अतिरिक्त मुख्य सचिव वन विभाग सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में पूर्व में आयोजित द्वितीय बैठक में लिये गये निर्णयों के क्रम में विधेयक का प्रारूप प्रस्तुत किया गया, जिस पर विस्तृत चर्चा की गई। विचार-विमर्श के दौरान विधेयक के विभिन्न बिंदुओं पर गहनता से अध्ययन करते हुए अतिशीघ्र अंतिम प्रारूप तैयार करने की रूपरेखा निर्धारित की गई। इस दौरान विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि प्रस्तावित कानून से आमजन को किसी प्रकार की अनावश्यक कठिनाई का सामना न करना पड़े।
पर्यावरण संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए पेड़ों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। हरे पेड़ों की कटाई पर प्रभावी रोक लगाने के लिए कठोर प्रावधानों को विधेयक में शामिल करने पर चर्चा हुई। इसके अंतर्गत क्षेत्राधिकार, न्यायिक प्रक्रिया, जांच, अपील, दंड प्रावधान, प्राधिकरण, क्रियान्वयन व्यवस्था सहित विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार किया गया।
साथ ही संरक्षित पेड़ों की सूची तैयार कर उसे विधेयक में शामिल करने का निर्णय लिया गया, जिससे संवेदनशील प्रजातियों का विशेष संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में प्राप्त सुझावों को समाहित करते हुए विधेयक का संशोधित प्रारूप शीघ्र तैयार करने का निर्णय लिया गया, जिससे राज्य में पर्यावरण संरक्षण के लिए एक सशक्त कानूनी ढांचा स्थापित किया जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश