कांग्रेस की गुटबाजी में विश्वेंद्र सिंह जैसे कद्दावर नेता की हो रही अनदेखी:मंत्री जवाहर सिंह बेढम
जयपुर, 30 सितंबर (हि.स.)। राजस्थान सरकार के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कांग्रेस में चल रही कथित अंदरूनी खींचतान को लेकर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में गुटबाजी और अंतर्द्वंद्व चरम पर पहुंच गया है। पार्टी के प्रदर्शनों में भी नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच एक-दूसरे के प्रति आक्रोश दिखाई दे रहा है। बेढ़म ने कहा कि कांग्रेस में स्थिति ऐसी हो गई है कि कभी भी बड़ी घटना सामने आ सकती है।
बेढ़म ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनमें कांग्रेस की हताशा साफ दिखाई देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के बड़े नेता एक-दूसरे को नीचा दिखाने में लगे हैं और कांग्रेस का ध्यान जनता के मुद्दों के बजाय आपसी संघर्ष पर केंद्रित है।
गृह राज्य मंत्री ने कहा कि कांग्रेस में केवल आपसी वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के नेता अपने पद बचाए रखने के लिए प्रयास कर रहे हैं और जनता की समस्याओं से उनका ध्यान हट गया है। हालांकि ये सभी आकलन बेढ़म के राजनीतिक आरोप हैं।
बेढ़म ने पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता विश्वेंद्र सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि वे राजस्थान के बड़े नेताओं में शामिल रहे हैं। उनकी राजनीतिक हैसियत और कद को दरकिनार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के भीतर ऐसे कद्दावर नेता की अनदेखी करना उचित नहीं है।
बेढ़म ने कहा, “कांग्रेस की मति मारी गई है, जो विश्वेंद्र सिंह जैसे नेता की बात नहीं सुन रही है।” हालिया निकाय चुनावों के बाद विश्वेंद्र सिंह की ओर से भी कांग्रेस में टिकट वितरण और निष्ठावान कार्यकर्ताओं की अनदेखी को लेकर सवाल उठाए जाने की खबरें सामने आई हैं।
कांग्रेस के ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर बेढ़म ने कहा कि चुनाव में हार के बाद कांग्रेस ईवीएम और वोट चोरी को लेकर आरोप लगाती है। उन्होंने इसे पार्टी की हताशा बताया। कांग्रेस ने हाल ही में जयपुर में निर्वाचन प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन किया था, जिसमें प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
आगामी पंचायती राज चुनावों का जिक्र करते हुए बेढ़म ने कांग्रेस की स्थिति खराब रहने का दावा भी किया। चुनावी परिणामों को लेकर अंतिम स्थिति मतदान और आधिकारिक नतीजों के बाद ही स्पष्ट होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश