खाद्य सुरक्षा की दिशा में प्रदेश का कीर्तिमान : एक ही दिन में 30 हजार से अधिक फूड हैंडलर्स को प्रशिक्षण

 


जयपुर, 17 मार्च (हि.स.)। प्रदेश में आमजन को शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाने के लिए मिलावट के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही, जागरूकता गतिविधियों पर भी विशेष बल दिया जा रहा है। इसी कड़ी में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा आयुक्तालय ने दो दिन में 50 हजार खाद्य कारोबोरियों एवं इससे संबंधित व्यक्तियों को प्रशिक्षण देने का कीर्तिमान बनाने की महत्वपूर्ण पहल की है। इसके तहत पहले ही दिन मंगलवार को 30 हजार से अधिक व्यक्तियों को प्रशिक्षण दिया गया, जो कि एक रिकॉर्ड है।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि राज्य में खाद्य सामग्री में मिलावट पर रोकथाम के लिए शुद्ध आहार—मिलावट पर वार अभियान चलाकर रिकॉर्ड कार्रवाई सुनिश्चित की गई है। विभाग का प्रयास है कि कार्रवाई के साथ—साथ खाद्य कारोबोरियों एवं संबंधित व्यक्तियों को शुद्ध खाद्य सामग्री के निर्माण, विक्रय एवं सभी नियमों की पालना के लिए जागरूक किया जाए। इसी सोच के साथ दो दिवसीय “मेगा FoSTaC प्रशिक्षण कार्यक्रम” आयोजित किया गया है। दो दिवस में करीब 50 हजार व्यक्तियों को प्रशिक्षण दिए जाने का लक्ष्य रखा गया है। यह पहल जनस्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला ने बताया कि पहले दिवस में ही पूरे राजस्थान में 30 हजार से अधिक फूड हैंडलर्स को ट्रेनिंग दिलाकर रिकॉर्ड बनाया गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मिड-डे मील कर्मी, राजकीय छात्रावासों के स्टाफ, जेल रसोई कर्मचारी, होटल एवं ढाबा संचालक व स्ट्रीट फूड वेंडर्स सहित विभिन्न खाद्य व्यवसाय से जुड़े व्यक्तियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विभाग द्वारा इस उपलब्धि को विश्व रिकॉर्ड में दर्ज कराने के लिए आवश्यक प्रक्रिया प्रारंभ की गई है।

अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह ने बताया कि बड़े स्तर पर आयोजित यह प्रशिक्षण खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूकता को व्यापक रूप से बढ़ाएगा। प्रशिक्षित फूड हैंडलर्स द्वारा सुरक्षित एवं स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में गुणवत्ता में सुधार होगा। संयुक्त आयुक्त डॉ. विजय प्रकाश शर्मा ने बताया कि विभाग द्वारा इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए सभी जिलों में प्रभावी समन्वय स्थापित किया गया। यह अभियान राज्य में खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में एक मील का पत्थर सिद्ध होगा तथा भविष्य में भी ऐसे व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश