पुलिस मुख्यालय में राज्य स्तरीय पेंशन अदालत, पेंशन प्रकरण 30 दिन में निपटाने के निर्देश

 


जयपुर, 23 सितंबर (हि.स.)। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की पहल पर बुधवार को पुलिस मुख्यालय में राज्य स्तरीय पेंशन अदालत आयोजित की गई। मुख्य सचिव ने पेंशन प्रकरणों का 30 दिन में अनिवार्य रूप से निस्तारण करने तथा सेवानिवृत्ति के दिन या उससे पहले कार्मिकों को पीपीओ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिला पुलिस कार्यालयों में जल्द ‘पेंशन मित्र’ स्थापित किए जाएंगे, जो पेंशनर्स को आवेदन से लेकर अन्य प्रक्रियाओं में सहायता करेंगे।

मुख्य सचिव ने डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के साथ पेंशनर्स से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए। विभिन्न जिलों के पेंशनर्स ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी समस्याएं रखीं। सितंबर में सेवानिवृत्त होने वाले 22 पुलिसकर्मियों को पीपीओ किट देकर शुभकामनाएं दी गईं।

उन्होंने पेंशनर्स को डिजिटल रूप से सशक्त करने के लिए जीवन प्रमाण पत्र ऑनलाइन बनवाने, अधिक पेंशनर्स वाले अस्पतालों में पृथक काउंटर की व्यवस्था करने और पेंशन से जुड़े कानूनी मामलों का आपसी समन्वय से आउट ऑफ कोर्ट निस्तारण करने के निर्देश दिए। सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों से सेवा अनुभव लिखवाने की पहल भी की जाएगी।

मुख्य सचिव ने 8वें वेतन आयोग को लेकर कहा कि राज्य सरकार की ओर से पेंशनर्स के साथ किसी प्रकार का अंतर नहीं रखा जाएगा और नियमानुसार लाभ देने के लिए आयोग को पत्र भेजा जा चुका है। पेंशनर्स से निरंतर संवाद के लिए रिटायर्ड पुलिस पेंशनर्स एसोसिएशन गठित करने के निर्देश भी दिए।

डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि राजकॉप सिटीजन ऐप में पेंशन, चिकित्सा बिल प्रतिपूर्ति सहित विभागीय और व्यक्तिगत समस्याएं घर बैठे दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध है। मुख्य सचिव ने इस डिजिटल पहल की सराहना की। कार्यक्रम में पुलिस व प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा विभिन्न पेंशनर संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश