‘कबाड़ से जुगाड़, कबाड़ से कला’ के जरिए स्वच्छता और पुनः उपयोग का संदेश : स्क्रैप से तैयार कलाकृतियां बनी आकर्षण का केंद्र
काेटा, 29 सितंबर (हि.स.)। पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल में ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ अभियान के अंतर्गत 29 सितम्बर को ‘स्वच्छता से समृद्धि’ थीम पर ‘कबाड़ से जुगाड़/कबाड़ से कला’ गतिविधियां आयोजित की गईं। इसका उद्देश्य अनुपयोगी सामग्री का रचनात्मक पुनः उपयोग कर स्वच्छता, पुनर्चक्रण और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना है।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि अभियान के तहत विभिन्न इकाइयों में स्क्रैप सामग्री से उपयोगी एवं कलात्मक मॉडल तैयार किए गए। सिक लाइन स्टाफ द्वारा एक कलाकृति बनाई गई, जिसमें एमएस शीट, एमएस रॉड, वॉशर, रिवेट, बोल्ट-नट और स्प्लिट पिन जैसी स्क्रैप सामग्री का उपयोग किया गया। इस कलाकृति के माध्यम से भारत को स्वच्छ रखने का संदेश प्रदर्शित किया गया।
इसी क्रम में आईओएच डिपो, कोटा में प्राकृतिक वायु प्रवाह से घूमने वाला विंड व्हील मॉडल तैयार किया गया। इसके अलावा स्क्रैप सामग्री से पुराने लकड़ी के कोच का मॉडल भी बनाया गया। इन रचनात्मक प्रयासों के माध्यम से अनुपयोगी सामग्री को नई उपयोगिता देने और ‘कचरे से संसाधन’ की अवधारणा को प्रोत्साहित किया गया।
इसी दिन कोटा रेलवे स्टेशन पर वाणिज्य शाखा द्वारा जनजागरण अभियान आयोजित किया गया। इस दौरान सहायक वाणिज्य प्रबंधक अमित वर्मा एवं स्टेशन निदेशक शशिभूषण शर्मा ने यात्रियों को ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ अभियान के उद्देश्य, विभिन्न गतिविधियों तथा रेलवे परिसरों को स्वच्छ रखने में जनभागीदारी के महत्व की जानकारी दी।
यात्रियों को जनविश्वास अधिनियम में किए गए संशोधनों के संबंध में भी जानकारी दी गई तथा रेलवे नियमों के पालन, स्वच्छता बनाए रखने और जिम्मेदार नागरिक व्यवहार अपनाने के प्रति जागरूक किया गया।
अभियान का उद्देश्य केवल सफाई तक सीमित न रहकर पुनः उपयोग, पुनर्चक्रण, जनभागीदारी और जिम्मेदार व्यवहार को दैनिक कार्यसंस्कृति का हिस्सा बनाना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव