मणिपाल हॉस्पिटल में ब्रेस्ट कैंसर मरीज की विशेष तकनीक से रेडियोथेरेपी
जयपुर, 19 सितंबर (हि.स.)। मणिपाल हॉस्पिटल जयपुर में ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित महिला मरीज की विशेष तकनीक से सफल रेडियोथेरेपी की गई। मरीज के एक अन्य अस्पताल में ब्रेस्ट कैंसर की गांठ की सर्जरी कर स्तन को सुरक्षित रखा गया था। इसके बाद रेडियोथेरेपी की सलाह मिलने पर मरीज सेकंड ओपिनियन के लिए मणिपाल हॉस्पिटल पहुंची।
मरीज के मामले को अस्पताल के ट्यूमर बोर्ड में रखा गया, जहां डॉ. दिनेश मंगल और डॉ. विजय ने मरीज की स्थिति, पूर्व उपचार और आवश्यक जांचों की समीक्षा की। जांच के आधार पर ऐसी रेडियोथेरेपी तकनीक का चयन किया गया, जिससे उपचार के दौरान हृदय, फेफड़ों और आसपास के स्वस्थ अंगों पर अनावश्यक रेडिएशन के प्रभाव को कम करने का प्रयास किया जा सके।
मरीज को पेट के बल लेटाकर रेडियोथेरेपी दी गई, जिसे प्रोन पोजिशन रेडियोथेरेपी कहा जाता है। चिकित्सकों के अनुसार ब्रेस्ट कैंसर के कुछ चुनिंदा मरीजों में यह तकनीक उपयोगी हो सकती है। विशेष उपचार योजना के माध्यम से कैंसर प्रभावित क्षेत्र को रेडिएशन देने के साथ आसपास के स्वस्थ अंगों को अनावश्यक विकिरण से बचाने का प्रयास किया जाता है।
इस उपचार के लिए प्रशिक्षित विशेषज्ञ टीम, अनुभवी रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट, विशेष उपकरण और उन्नत उपचार योजना की आवश्यकता होती है। मरीज की शारीरिक स्थिति और उपचार की जरूरत के अनुसार रेडियोथेरेपी प्लान तैयार किया जाता है। मरीज का उपचार सफलतापूर्वक पूरा हुआ। उपचार के बाद मरीज ने संतोष व्यक्त किया और अब तक किसी विशेष दुष्प्रभाव की शिकायत नहीं बताई गई है। चिकित्सकीय टीम नियमित फॉलोअप के जरिए मरीज की निगरानी कर रही है।
हॉस्पिटल डायरेक्टर रंजन ठाकुर ने बताया कि मरीज की स्थिति और जांचों के आधार पर प्रोन पोजिशन रेडियोथेरेपी का चयन किया गया। इसका उद्देश्य कैंसर प्रभावित क्षेत्र को प्रभावी रेडियोथेरेपी देने के साथ हृदय, फेफड़ों और आसपास के स्वस्थ अंगों पर अनावश्यक रेडिएशन के प्रभाव को कम करना है। उन्होंने कहा कि कैंसर उपचार में समय पर विशेषज्ञ सलाह, बहु-विषयक चिकित्सकीय टीम और उन्नत तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश