इंदिरा एकादशी पर मंदिरों में सजी विशेष झांकियां: श्रद्धालुओं ने किया पितरों का स्मरण
जयपुर, 06 अक्टूबर (हि.स.)। आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी मंगलवार को इंदिरा एकादशी के रूप में भक्तिभाव से मनाई गई। श्रद्धालुओं ने भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना कर व्रत रखा। छोटीकाशी के प्रमुख वैष्णव मंदिरों में एकादशी के अवसर पर विशेष झांकियां सजाई गईं। मंदिरों में ठाकुरजी का अभिषेक, विशेष श्रृंगार और पूजन कर भक्तों ने दर्शन किए।
आराध्य देव गोविंद देवजी मंदिर में महंत अंजन कुमार गोस्वामी महाराज के सान्निध्य में ठाकुरजी का पंचामृत अभिषेक किया गया। इसके बाद उन्हें नवीन लाल रंग की पोशाक धारण कराई गई।
सुभाष चौक पानों का दरीबा स्थित श्री शुक संप्रदाय की आचार्य पीठ श्री सरस निकुंज में श्री शुक संप्रदाय पीठाधीश्वर अलबेली माधुरी शरण महाराज के सान्निध्य में एकादशी उत्सव मनाया गया। श्री सरस परिकर के प्रवक्ता प्रवीण बड़े भैया ने बताया कि राधा सरस बिहारी सरकार का वेदोक्त मंत्रोच्चार के साथ अभिषेक किया गया। एकादशी के पदों के गायन से ठाकुरजी को रिझाया गया।
पुरानी बस्ती स्थित राधा गोपीनाथजी मंदिर में महंत सिद्धार्थ गोस्वामी के सान्निध्य में विशेष श्रृंगार हुआ। चौड़ा रास्ता स्थित राधा दामोदरजी मंदिर में महंत मलय गोस्वामी के सान्निध्य में ठाकुरजी का पंचामृत अभिषेक किया गया। रामगंज बाजार स्थित लाड़लीजी मंदिर में महंत संजय गोस्वामी के सान्निध्य में अभिषेक, पूजन और श्रृंगार हुआ। चांदनी चौक स्थित ब्रज निधिजी मंदिर, आनंद कृष्ण बिहारीजी मंदिर, चौड़ा रास्ता स्थित मदन गोपालजी मंदिर सहित शहर के अनेक वैष्णव मंदिरों में भी एकादशी उत्सव धूमधाम से मनाया गया।
पितृपक्ष में पड़ने वाली इंदिरा एकादशी पर श्रद्धालुओं ने भगवान विष्णु के शालिग्राम स्वरूप की पूजा-अर्चना कर पितरों का स्मरण किया। पितृशांति और पूर्वजों की सद्गति की कामना से श्रद्धालुओं ने सामर्थ्य के अनुसार अन्न, वस्त्र और अन्य उपयोगी सामग्री का दान किया।
श्रद्धालुओं ने पीले फूल, तुलसी दल, अक्षत, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित किए। पितरों की शांति के लिए तर्पण और दान-पुण्य किया गया। कई लोगों ने पितरों को जीवनकाल में प्रिय रहे खाद्य पदार्थों का भी दान किया। जरूरतमंदों को भोजन, अन्न, वस्त्र और दैनिक उपयोग की सामग्री वितरित की गई। श्रद्धालुओं ने गाय, कुत्ते और कौवे के लिए भोजन निकाला तथा चींटियों के लिए आटा व अन्य खाद्य सामग्री रखी। धार्मिक मान्यता के अनुसार इंदिरा एकादशी का व्रत करने और इसका पुण्य पितरों को समर्पित करने से पूर्वजों को सद्गति प्राप्त होती है।
पितरों के स्मरण और श्रद्धा तर्पण के उद्देश्य से करधनी नव चेतना केंद्र की ओर से 8 अक्टूबर को सामूहिक श्राद्ध तर्पण एवं पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम दक्षिणमुखी हनुमानजी मंदिर, करधनी के सामने वाले भूखंड पर सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तक होगा।
कार्यक्रम में श्रद्धालु पितरों का तर्पण करने के साथ पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ में आहुति देंगे। महिलाओं के लिए भी तर्पण की व्यवस्था रहेगी। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से तर्पण के लिए दो तसले साथ लाने का आग्रह किया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश