थाली मांदल से गूंजा प्रताप गौरव केंद्र
-रविवारीय अवकाश पर मेले में बढ़ी रेलमपेल-गवरी देखने उमड़े लोग
उदयपुर, 06 सितंबर (हि.स.)। प्रताप गौरव केंद्र ‘राष्ट्रीय तीर्थ’ में भक्ति, उल्लास और सांस्कृतिक सरोकारों से ओतप्रोत श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेला महोत्सव का तीसरा दिन मेवाड़ के लोक अनुष्ठान गवरी को समर्पित रहा।
प्रताप गौरव केंद्र के निदेशक अनुराग सक्सेना ने बताया कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति, उदयपुर के अंतर्गत संचालित प्रताप गौरव केंद्र में चल रहे इस मेले को तीसरे दिन रविवारीय अवकाश का लाभ मिला और सुबह से ही रेलमपेल शुरू हो गई। स्टॉल्स पर भीड़ रही। खरीदारी के साथ चकरी-डोलर पर बच्चों की भीड़ रही।
दोपहर अभिजीत मुहूर्त में गवरी अनुष्ठान शुरू हुआ। अनुष्ठान में होमा, हत्यो, कालू केर, कानू-गूजरी, महाराणा प्रताप, भमरियो-भमरी, लाखा वणजारा, चोर-पुलिस, वणजारो आदि प्रसंग माता गौरी और शिवजी के सन्मुख समर्पित किये गए। हवालाखुर्द के समाजसेवी गणेश खराड़ी और आरएनटी में जनरल फिजिशियन डॉ. गणेश कुरिया ने व्यवस्थाएं सम्भाली।
महोत्सव के सहसंयोजक हिम्मत सिंह ने बताया कि तीसरे दिन प्रख्यात कवि अलवर से आये विनीत चौहान, आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ राहुल जैन, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संघचालक हेमेंद्र श्रीमाली अतिथि थे।
-सहसंयोजक जसवंत सिंह पुण्डीर ने बताया कि हवालाखुर्द से आये गवरी संकल्पित दल में आरएनटी में जनरल फिजिशियन डॉ. गणेश कुरिया भी शामिल थे। वे माताजी की सवारी यानी शेर की भूमिका में रहते हैं। रविवार को उन्होंने प्रताप गौरव केंद्र में हुई गवरी में महाराणा प्रताप के प्रसंग में प्रताप के सहयोगी की भूमिका में थे।
-पालक अधिकारी पंकज पालीवाल ने बताया कि सम्पूर्ण गवरी दल साधकों का प्रताप गौरव केंद्र की ओर से अभिनन्दन किया गया। परंपरानुसार पेरावणी की गई। इस अवसर पर वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति के अध्यक्ष प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा, समाजसेवी शंभू गमेती, प्रताप गौरव शोध केंद्र के अधीक्षक डॉ. विवेक भटनागर उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता