पिता के हत्यारे बेटे को उम्रकैद की सजा

 


झुंझुनू, 21 जून (हि.स.)। झुंझुनू जिला एवं सेशन न्यायालय ने शनिवार को अपने ही पिता की हत्या करने के मामले में आरोपी बेटे किशनलाल सोनी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। फैसला सुनाते हुए न्यायालय ने इसे केवल हत्या नहीं बल्कि पारिवारिक और सामाजिक मूल्यों के प्रति विश्वासघात बताया। जिला एवं सेशन न्यायाधीश सुनील कुमार पंचोली ने अपने आदेश में लिखा कि जिस पिता ने बेटे को इस उम्मीद से पाल-पोसकर बड़ा किया कि वह बुढ़ापे का सहारा बनेगा उसी की हत्या कर देना अत्यंत निंदनीय और समाज को झकझोरने वाला कृत्य है। यह अपराध पारिवारिक संवेदनाओं और सामाजिक मूल्यों के प्रति घोर असंवेदनशीलता का प्रतीक है।

मामले के अनुसार 10 अप्रैल 2025 को लूट्टू निवासी मृतक जगदीश प्रसाद के बड़े बेटे दीपक ने धनूरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि उसका छोटा भाई किशनलाल आए दिन पिता से झगड़ा करता था। 9 अप्रैल की रात आरोपी ने पिता जगदीश प्रसाद की पीट-पीटकर हत्या कर दी। सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक रामावतार ढाका ने 19 गवाहों के बयान और 59 दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश ने कहा कि आरोपी ने उसी पिता की हत्या की जिसने उसे इस उम्मीद के साथ पाल-पोसकर बड़ा किया था कि वह बुढ़ापे में उसका सहारा बनेगा। अपने ही पिता की जान लेना बेहद गंभीर और माफ नहीं किए जाने वाला अपराध है। ऐसा कृत्य न सिर्फ कानूनन जघन्य अपराध है, बल्कि परिवार और समाज के मूल्यों के प्रति असंवेदनशीलता और विश्वासघात भी दर्शाता है।

अदालत ने इसे निंदनीय और समाज को झकझोर देने वाली घटना बताया। पुलिस जांच में सामने आया कि 9 अप्रैल की रात पिता-पुत्र गांव की गुवाड़ में बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान दोनों के बीच विवाद हो गया। गुस्से में किशनलाल ने लकड़ी के फंटे से पिता के सिर पर वार कर दिए जिससे उनकी मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी शव को घर ले गया और अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगा। इसी बीच किसी ने बड़े भाई दीपक को सूचना दे दी जिसके बाद मामला उजागर हो गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / रमेश