आराध्य देव परशुराम जयंती के अवसर पर सामाजिक समरसता सम्पर्क अभियान की शुरुआत

 


बीकानेर, 20 अप्रैल (हि.स.)। सर्व कामगार सेवा संघ व विप्र फाउंडेशन के तत्वावधान सर्व कामगार सेवा संघ के प्रदेशाध्यक्ष व विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय सचिव भंवर पुरोहित के निज निवास स्थान पर आराध्य देव भगवान परशुराम की पूजा अर्चना व आरती कर सामाजिक समरसता के विचार को प्रतिबद्धता के साथ समाज में संदेश देने का प्रयास किया।

संघ के प्रदेश महामंत्री राम स्वरूप हर्ष ने बताया कि इस अवसर पर रामचरित मानस के भगवान राम के केवट प्रंसग को आत्मसात करते हुए वाल्मीकि समाज के जगदीश सोंलकी सपत्नीक सरोज देवी तथा राजू वाल्मीकि सपत्नीक राजू देवी का भंवर पुरोहित ने अपने निज निवास के आंगन में चरण धोकर उनका अभिषेक किया तथा तुलसीकृत रामचरित मानस की पुस्तक भेंट की।

पुरोहित ने कहा कि महापुरुषों को जाति व धर्म में बांट दिया गया जो कि सनातन धर्म के हित में नहीं है जैसे ज्योतिबा फुले को माली समाज में, भगवान परशुराम को विप्र समाज में, स्वामी केशवानंद को जाट समाज में,संत वाल्मिक को एस सी समाज में बांटना उचित नहीं है महापुरुष तो किसी जाति समाज के नहीं होते है वो तो सुधारवादी मंशा से समाज में अवतरित होते और समाज सुधार का कार्य करके प्रस्थान कर जाते है इसलिए सभी समाज सुधारक सभी समाजो के होते है।

इस कार्यक्रम के अवसर पर संघ के विभाग संचालक टेकचंद बरड़िया ने कहा कि हिन्दू समाज जो लोगबांटने का काम कर रहे है वो उचित नहीं है। ऐसे कार्यक्रम से समाज को प्रेरणा लेनी चाहिए एवं समाज में सामाजिक समरसता कायम रखनी चाहिए। संघ के चम्पेश भाईसाहब,उमेश भाई साहब भी साथ रहे सभी को रामचरित मानस की कृति भेंट की

सामाजिक समरसता कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विप्र फाउंडेशन की महिला जिला अध्यक्ष चन्द्रकला आचार्य,सुभाष पुरोहित, कैलाश सारस्वत,मुरली पुरोहित,संघ के लक्षण कुमावत,सुनील पारीक, जगदीश शर्मा, जितेन्द्र सुथार,अशोक प्रजापत सहित समाज के प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव