3-4 अक्टूबर को जयपुर में जुटेंगे प्रदेशभर के सिंधी पंचायत प्रतिनिधि

 


जयपुर, 30 सितंबर (हि.स.)। भारतीय सिन्धू सभा की ओर से पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत जयपुर के सहयोग से तृतीय राज्य स्तरीय सिंधी पंचायत सम्मेलन 3 और 4 अक्टूबर को प्रताप नगर स्थित जसोदा देवी रेवाचंद गुरनाणी चैरिटेबल ट्रस्ट में आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन में राजस्थानभर की सिंधी पंचायतों के प्रतिनिधि, पदाधिकारी, समाजसेवी, युवा और मातृशक्ति शामिल होंगे। आयोजन की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

न्यास अध्यक्ष मोहनलाल वाधवाणी ने बताया कि दो दिवसीय सम्मेलन में पांच सत्र होंगे। इनमें सिंधी समाज से जुड़े सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक, धार्मिक और संगठनात्मक विषयों पर चर्चा कर समाजहित से जुड़े प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा। सिंधी भाषा को मातृभाषा के रूप में दर्ज कराने के लिए जनगणना के दौरान समाज को जागरूक करने और नई पीढ़ी को भाषा व सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने पर भी चर्चा होगी।

सम्मेलन में विवाह योग्य युवक-युवतियों के परिचय सम्मेलन, पारिवारिक संवाद, सामाजिक मार्गदर्शन और विवाह संबंधी समन्वय व्यवस्था को मजबूत करने पर विचार होगा। पंचायतों को अधिक सक्रिय और संगठित बनाने तथा जरूरतमंद परिवारों को केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए कार्ययोजना बनाने पर भी चर्चा होगी। मातृशक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रोजगार, स्वरोजगार, कौशल विकास, लघु उद्योग और सरकारी योजनाओं से जोड़ने के प्रस्ताव रखे जाएंगे। महिलाओं के प्रशिक्षण शिविर और स्वयं सहायता समूह जैसी गतिविधियों पर भी विचार होगा। युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखने के विषय को भी सम्मेलन में शामिल किया गया है।

न्यास सचिव ईश्वर मोरवानी ने बताया कि सिंधु दर्शन यात्रा में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने तथा सिंधु नदी के ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को समाज तक पहुंचाने के लिए अभियान चलाने पर विचार होगा। राजस्थान में किसी प्रमुख नदी के किनारे राष्ट्रीय स्तर के सिंधु तीर्थ के निर्माण और इसके लिए राज्य सरकार से उपयुक्त भूमि आवंटित कराने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की जाएगी।

सेंट्रल पंचायत अध्यक्ष गिरधारी मनकानी और महासचिव धर्मदास मोटवानी ने बताया कि राजस्थान सिंधी अकादमी के गठन की मांग को सम्मेलन में प्रमुखता से रखा जाएगा। इसके अलावा विधानसभा, लोकसभा और राज्यसभा में सिंधी समाज के प्रतिनिधित्व से जुड़े विषय तथा समाज की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा होगी।

सम्मेलन प्रभारी महेन्द्र तीर्थनी ने बताया कि आयोजन संतों के सान्निध्य में होगा। महामंडलेश्वर हंसराम उदासीन, हरीशेवा उदासीन सनातन आश्रम भीलवाड़ा, प्रेम प्रकाश आश्रम श्री अमरापुरा स्थान जयपुर के मंडलाध्यक्ष स्वामी भगतप्रकाश, श्री शांतानंद उदासीन आश्रम पुष्करराज के महंत हनुमानराम तथा स्वामी पुरसनाराम दरबार के सांई मुकेश साध सहित संत-महात्माओं को आमंत्रित किया गया है।

प्रदेश महामंत्री गिरधारीलाल ज्ञानाणी ने बताया कि राजस्थान की विभिन्न सिंधी पंचायतों के करीब 350 मुखिया एवं पदाधिकारी सम्मेलन में शामिल होंगे। पंचायतों की समस्याओं, सुझावों और प्राथमिकताओं के आधार पर राज्य स्तर पर साझा कार्ययोजना तैयार करने पर भी विचार होगा।

महानगर संरक्षक विष्णुदेव सामताणी और प्रचार प्रमुख तुलसी संगतानी ने बताया कि जयपुर महानगर की पंचायतों के पदाधिकारियों से संपर्क कर आमंत्रित किया गया है। स्वागत, पंजीयन, आवास, भोजन, यातायात, मंच और प्रचार-प्रसार के लिए समितियां बनाई गई हैं। जयपुर से करीब 250 लोगों के शामिल होने की संभावना है, जबकि प्रदेशभर से करीब 600 पंचायत प्रतिनिधियों के पहुंचने की उम्मीद है। सम्मेलन में संगठन के पदाधिकारियों और समाज के कलाकारों की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश