कड़ी सुरक्षा में एसआई भर्ती परीक्षा: 41 शहरों में 7 लाख अभ्यर्थी शामिल
जयपुर, 05 अप्रैल (हि.स.)। राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सब इंस्पेक्टर (एसआई) भर्ती-2025 की दो दिवसीय लिखित परीक्षा रविवार से प्रदेशभर में शुरू हो गई। परीक्षा 41 शहरों के 1174 केंद्रों पर आयोजित हो रही है, जिसमें 1015 पदों के लिए 7 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। परीक्षा दो-दो पारियों में आयोजित की जा रही है। रविवार को पहली पारी सुबह 11 से 1 बजे तक सामान्य हिंदी और दूसरी पारी दोपहर 3 से 5 बजे तक सामान्य ज्ञान एवं सामान्य विज्ञान की परीक्षा हुई। यही क्रम 6 अप्रैल को भी जारी रहेगा।
परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान पुलिस स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने इस बार विशेष सख्ती बरती है। एसओजी के एडीजी विशाल बंसल के अनुसार नकल और पेपर लीक पर रोक लगाने के लिए पहली बार व्यापक स्तर पर तकनीकी निगरानी लागू की गई है। इस तहत सभी जिलों में परीक्षा केंद्रों के आसपास के मोबाइल टावरों का टावर डम्प डाटा लिया जा रहा है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर त्वरित कार्रवाई की जा सके। साथ ही एसओजी की विशेष टीमें विभिन्न जिलों में तैनात कर स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय में लगातार निगरानी कर रही हैं। हर परीक्षा केंद्र पर त्रिस्तरीय जांच, मेटल डिटेक्टर से फ्रिस्किंग और अनिवार्य वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई है। केंद्रों के बाहर सादे वस्त्रों में पुलिसकर्मी तैनात हैं, जबकि प्रत्येक कक्ष में दीवार घड़ी लगाना अनिवार्य किया गया है।
अभ्यर्थियों और स्टाफ के लिए मोबाइल फोन पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। प्रवेश से पहले आधार कार्ड या फोटोयुक्त पहचान पत्र से पहचान मिलान और हैंड मेटल डिटेक्टर से जांच की जा रही है। बिना स्पष्ट पहचान पत्र के किसी को प्रवेश नहीं दिया जा रहा।
आयोग ने अभ्यर्थियों के लिए सख्त ड्रेस कोड लागू किया है। पुरुष अभ्यर्थियों को आधी आस्तीन के कपड़े और चप्पल/स्लीपर में आने की अनुमति है, जबकि महिलाओं को सलवार सूट या साड़ी के साथ साधारण वेश में आने के निर्देश दिए गए हैं। जूते, पूरी आस्तीन के कपड़े, घड़ी, बेल्ट, हैंडबैग, स्कार्फ, टोपी, चश्मा और ताबीज आदि पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। परीक्षा के दौरान केंद्रों के 100 मीटर दायरे में साइबर कैफे और ई-मित्र केंद्र बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर भी पूरी तरह रोक लगाई गई है।
आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में फ्लाइंग स्क्वॉड और पर्यवेक्षक लगातार केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की निष्पक्षता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और कदाचार में लिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश