श्रीराम-जानकी सर्वजातीय सामूहिक विवाह सम्मेलन 25 अप्रैल को
जयपुर, 07 अप्रैल (हि.स.)। सेवा भारती समिति जयपुर के तत्वावधान में श्री राम-जानकी सर्वजातीय 15वां सामूहिक विवाह सम्मेलन 25 अप्रैल को जानकी नवमी के अबूझ सावे पर अंबावाड़ी स्थित आदर्श विद्या मंदिर में होगा। इस वर्ष 51 जोड़ों के विवाह का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आयोजन की तैयारियां जोरों पर है।
आयोजन समिति अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने बताया कि अब तक 12 समाजों के 42 जोड़ों का पंजीकरण हो चुका है। इनमें दो अंतरजातीय जोड़े शामिल हैं। पंजीकरण 10 अप्रैल तक जारी रहेगा। समिति घर जैसे माहौल में विवाह की सभी रीति रिवाज वैदिक पद्धति से कराएगी। सभी जोड़ों को सोने-चांदी के आभूषण, कपड़े, बर्तन उपहार में दिए जाएंगे। विवाह प्रमाण पत्र हाथों-हाथ दिया जाएगा। इसलिए अधिक से अधिक अभिभावकों को इसमें पंजीयन कराकर लाभ उठाना चाहिए।
सेवा भारती के प्रांतीय संगठन मंत्री द्वारका प्रसाद, प्रांतीय अध्यक्ष सुमनलता बंसल, प्रांत मंत्री गिरधारी लाल शर्मा, संयोजक नवल बगडिय़ा के मार्गदर्शन में सेवा भारती के 150 से अधिक कार्यकर्ता सम्मेलन की तैयारियों में जुटे हुए हैं।
सामूहिक विवाह सम्मेलन में नव दंपतियों को राज्य सरकार की ओर से वधु के नाम 18 हजार रूपये की एफडीआर कराई जाएगी। अंतरजातीय जोड़ों को नियमानुसार राशि दी जाएगी। इसके अलावा समिति की ओर से पलंग, गद्दा, बेडशीट, तकिए, चौकी, बर्तन सेट, स्टील टंकी, कलश, थाली सेट, परात, प्रेशर कुकर, भगोने, कढ़ाई, टिप्पन, बाल्टी, पंखा, सिलाई मशीन, प्रेस, लोहे का बक्सा, घड़ी, दुल्हन बेस, श्रृंगार सामग्री, 11 साडिय़ां, पायजेब, बिछिया, नाक कांटा, बालियां, मंगलसूत्र, धार्मिक साहित्य, श्रीराम-जानकी की फोटो दी जाएगी।
श्रीराम जानकी सर्वजातीय सामूहिक विवाह सम्मेलन समिति के संयोजक नवल बगडिय़ा ने बताया कि समाज में बढ़ते विवाह खर्चों कारण आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के सामने उत्पन्न हो रही कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए सर्वजातीय सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। जयपुर शहर में वर्ष 2025 तक 574 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया जा चुका है, जबकि पूरे राजस्थान में 33 स्थानों पर कुल 2691 जोड़ों का विवाह सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में विवाह जैसे पवित्र संस्कार का खर्च कई परिवारों के लिए चिंता का विषय बन गया है, जिससे समय पर बेटियों के विवाह में बाधाएं उत्पन्न होती हैं।
गत 14 वर्षों की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी श्रीराम-जानकी सर्व जातीय सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजन समिति द्वारा निर्धन परिवारों की कन्याओं के विवाह के लिए यह सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन के माध्यम से न केवल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहयोग प्रदान किया जाता है, बल्कि सामाजिक समरसता एवं एकता का संदेश भी समाज में प्रसारित होता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश