भोलेनाथ पर अटूट विश्वास ही सबसे बड़ी साधना : प्रदीप मिश्रा
जयपुर, 23 मार्च (हि.स.)। मानसरोवर स्थित वीटी रोड मेला ग्राउंड पर जयपुर परिवार सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में चल रही श्री शिव महापुराण कथा के चौथे दिन कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के प्रवचनों को सुनने हजारों श्रद्धालु उमड़ पड़े। भजनों और जयकारों के बीच पांडाल में कुंभ मेले जैसा माहौल रहा।
कथा में पंडित मिश्रा ने कहा कि भोलेनाथ केवल सच्चे भाव के भूखे हैं, आडंबर के नहीं। सच्चे मन से ‘ॐ नमः शिवाय’ का जप या एक लोटा जल अर्पण भी फलदायी होता है। उन्होंने आंतरिक शुद्धता, अहंकार त्याग और सच्चे कर्म को ही सच्ची शिव साधना बताया।
शिव-पार्वती संवाद और माता पार्वती की तपस्या का उल्लेख करते हुए उन्होंने अटूट श्रद्धा का महत्व बताया। साथ ही शरीर पर तिल को पिछले जन्म के कर्म, भाग्य और व्यक्तित्व का संकेत बताते हुए काले तिल से शिव पूजन को शनि, राहु-केतु दोष व आर्थिक समस्याओं के निवारण में उपयोगी बताया।
मंच से विभिन्न श्रद्धालुओं के अनुभव भी साझा किए गए, जिनमें कथा श्रवण और जल अर्पण से जीवन में सकारात्मक बदलाव के उल्लेख किए गए।
पंडित मिश्रा ने आयोजन समिति की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए मुख्य व्यवस्थापक अखिलेश अत्री व मनोज पांडे को बधाई दी।
कथा का समापन आरती के साथ हुआ। आयोजकों के अनुसार कथा 26 मार्च तक प्रतिदिन दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक आयोजित होगी।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश