श्रीराम का जन्मोत्सव: भगवान श्री राम का वेदोक्त मंचोच्चार के साथ होगा पंचामृत अभिषेक

 


जयपुर, 25 मार्च (हि.स.)। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव गुरुवार को श्रीराम नवमी के रूप में धूमधाम से मनाया जाएगा। सुबह वेदोक्त मंत्रोच्चार के साथ भगवान राम के बालरूप का पंचामृत अभिषेक कर नवीन पोशाक धारण कराई जाएगी। दिनभर बधाईगान-उछाल और नृत्य की त्रिवेणी के मध्य राम जन्मोत्सव का आनंद मनाया जाएगा।

बड़े उत्साह और उमंग के साथ राम नवमी का पर्व मनाया जाएगा। बुधवार को आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।

ज्योतिषाचार्य बनवारी लाल शर्मा ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान राम का जन्म मध्याह्न काल में हुआ था, इसलिए इसी समय पूजा करना सबसे फलदायी माना जाता है। नवरात्रि का कन्या पूजन भी इसी दौरान किया जा सकता है। नवमी तिथि 26 मार्च को दोपहर को 11:48 बजे शुरू होगी। जो 27 मार्च को सुबह 10:06 बजे समाप्त होगी। राम जन्म पूजा (मध्याह्न) का सबसे शुभ समय 26 मार्च को सुबह 11:13 से दोपहर 01:41 बजे तक रहेगा, जिसमें दोपहर 12:27 बजे का समय सर्वोत्तम है।

चांदपोल बाजार के मंदिर श्रीरामचन्द्रजी में महंत नरेंद्र तिवाड़ी के सान्निध्य में राम जन्मोत्सव का आयोजन होगा। रामनवमी की पूर्व संध्या पर बुधवार को चांदपोल बाजार स्थित श्री रामचन्द्र जी में मंदिर में प्रभु श्रीराम का भव्य राजसी दरबार सजाया गया। भक्तों को अलौकिक श्रृंगार के दर्शन हुए। भगवान श्रीराम को स्वर्ण आभूषण और रजत आभूषण से अलंकृत किया गया। स्वर्ण मुकुट, कंठहार, कुंडल, बाजूबंद सहित अन्य राजसी आभूषणों से प्रभु की छटा देखते ही बन रही थी। रजत से निर्मित सिंहासन, छत्र, चरण पादुका दरबार की शोभा बढ़ा रही थी। प्रभु केराजसी दरबार ने श्रद्धालुओं को अयोध्या के राजदरबार की अनुभूति कराई। सम्पूर्ण मंदिर परिसर दिव्य प्रकाश से आलोकित हो उठा। इस मौके पर मंदिर परिसर को फूलों, बंदनवार, रंगोली और रंग बिरंगी रोशनी से सजाया गया।

शाम को बधाई उत्सव मनाया गया। मंडल के सदस्यों ने ढूंढ़ाड़ी भाषा में भजनों की मधुर स्वर लहरियां बिखेरी। भजनों की तान पर श्रद्धालु भाव विभोर होकर नाचने लगे। श्रद्धालुओं ने भी प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव की मंगल बधाइयां गाईं।

रामनवमी को दिनभर विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे। शाम को महाआरती में मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा राम दरबार की आरती उतारेंगे। सुबह मंगला से विशेष पूजा-अर्चना होगी। ठाकुरजी का पंचामृत अभिषेक कर इत्र, गुलाब, केशर, केवड़ा से अभिषेक किया जाएगा। विशेष शृंगार कर राम दरबार को रत्न जडि़त जरदोजी पोशाक पोशाक धारण करवाई जाएगी। भगवान श्रीराम के साथ पूरे राम दरबार को हीरे, मोती, पन्ना, माणक, नीलम, सोना-चांदी के विशेष रजवाड़ी आभूषण धारण कराए जाएंगे। दोपहर में आरती के बाद पंजीरी और पंचामृत वितरण किया जाएगा। इस मौके पर 51 किलो मावे का केक भी काटा जाएगा।

श्री खोले के हनुमान मंदिर में रामनवमी पर्व पर सुबह राम जन्मोत्सव का उल्लास नजर आएगा। सुबह श्रीरामजी का विभिन्न तीर्थों से लाए गए जल से स्नान कराकर 108 औषधियों और पंचामृत से अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद षोडशोपचार पूजन किया जाएगा। इसके बाद फूल बंगला झांकी सजाई जाएगी। दोपहर में सियारामजी की महाआरती होगी।

छोटी चौपड़ स्थित मंदिर श्री सीताराम जी में 26 मार्च को महंत नंद किशोर शर्मा के सान्निध्य में राम जन्म महोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। सुबह पंडित 51 किलो दूध-दही के पंचामृत से वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ अभिषेक करेंगे। ठाकुरजी को नई पोशाक धारण कराएंगे। महंत नंदकिशोर शर्मा आभूषण पहनाकर पालने में विराजमान कर पुष्पों से श्रृंगार करेंगे। मंदिर को आकर्षक सजावट से सजाया जाएगा। भक्त बधाई पद प्रस्तुत करेंगे।

दोपहर 1 बजे 21 तोपों की सलामी के साथ जन्म महाआरती होगी। इसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद स्वरूप फल, दुपट्टे और मिठाई वितरित की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश