सागवाडा में निकाय चुनाव को लेकर शक्ति प्रदर्शन : अंतिम दिन भाजपा ने बाइक रैली से भरा दम

 






डूंगरपुर, 09 सितंबर (हि.स.)। नगर पालिका चुनाव के प्रचार के अंतिम दिन बुधवार को सागवाड़ा शहर में राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर पहुंच गईं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विशाल बाइक रैली निकालकर अभूतपूर्व शक्ति प्रदर्शन किया, वहीं सत्ताधारी व विपक्षी खेमों की नजरें अंतिम क्षणों में मतदाताओं को रिझाने पर टिकी रहीं। दूसरी ओर, कांग्रेस प्रत्याशियों ने किसी भी तरह के बड़े शक्ति प्रदर्शन के बजाय घर-घर जाकर व्यक्तिगत संपर्क करने और वोट मांगने की रणनीति अपनाई।

भाजपा की ओर से आयोजित बाइक रैली का नेतृत्व सागवाड़ा विधायक शंकरलाल डेचा, चुनाव प्रभारी गोपीचंद मीणा तथा चुनाव संयोजक हेमंत दादा पाठक ने संयुक्त रूप से किया। रैली स्थानीय विधायक कार्यालय से ढोल-नगाड़ों की गड़गड़ाहट और कार्यकर्ताओं के जोशीले नारों के बीच रवाना हुई।

रैली शहर के प्रमुख व्यावसायिक व आवासीय क्षेत्रों गौरव पथ, पटेलवाड़ा और विभिन्न वार्डों के मुख्य मार्गों से गुजरती हुई पुनर्वास कॉलोनी पहुंची। दर्जनों दोपहिया वाहनों पर सवार कार्यकर्ताओं के हाथों में पार्टी के झंडे लहरा रहे थे। युवाओं के हुजूम और नारेबाजी ने पूरे शहर को चुनावी रंग में रंग दिया।

रैली के दौरान विशेष रूप से युवा कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा गया। मार्ग में जगह-जगह पार्टी नेताओं ने स्थानीय नागरिकों से संवाद किया और नगर पालिका में भाजपा का बोर्ड बनाने के लिए पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में मतदान करने की अपील की। रैली के समापन पर मीडिया से बात करते हुए भाजपा नेताओं ने दावा किया कि वाहन रैली को शहरवासियों और विशेषकर युवाओं का व्यापक जनसमर्थन मिला है। उन्होंने कहा कि रैली में उमड़ी भीड़ इस बात का स्पष्ट संकेत है कि जनता का रुझान पूरी तरह से भाजपा के पक्ष में है।

चुनाव में पार्टी के एजेंडे को स्पष्ट करते हुए भाजपा नेताओं ने कहा कि सागवाड़ा शहर के सर्वांगीण विकास, मूलभूत नागरिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और आमजन की रोजमर्रा की समस्याओं के स्थायी समाधान को पार्टी ने अपना मुख्य मुद्दा बनाया है। उन्होंने विश्वास जताया कि शहर की जनता विकास के इस विजन पर मुहर लगाते हुए भाजपा को स्पष्ट बहुमत देगी। इस दौरान पूर्व पालिका अध्यक्ष विजयकुमार जैन ने भी पार्टी के पक्ष में माहौल होने का दावा करते हुए कहा कि शहर के सुनियोजित विकास के लिए भाजपा की नीतियां ही सबसे उपयुक्त विकल्प हैं।

सागवाड़ा नगर पालिका के कुल 35 वार्डों में इस बार मुकाबला मुख्य रूप से भाजपा और कांग्रेस के बीच आमने-सामने का माना जा रहा है। प्रचार के अंतिम घंटों में जहाँ भाजपा ने सड़कों पर उतरकर शक्ति प्रदर्शन के जरिए मनोवैज्ञानिक बढ़त बनाने की कोशिश की, वहीं कांग्रेस के रणनीतिकारों ने मतदाताओं के सीधे द्वार तक पहुंचकर व्यक्तिगत संवाद पर ध्यान केंद्रित रखा। प्रचार का शोर थमने के साथ ही अब सभी प्रत्याशियों का भाग्य इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों में बंद होने की कगार पर है, और दोनों ही प्रमुख दल अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष